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IIT BHU: एनआईआरएफ में तीन साल से नीचे खिसक रहा आईआईटी बीएचयू, पांच पैरामीटर पर होता है मूल्यांकन
Sun, 28 Apr 2024 06:30 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 28 Apr 2024 06:30 PM IST
सार
आईआईटी बीएचयू एनआईआरएफ में तीन साल से नीचे खिसक रहा है। यह संस्थान 2018 से लेकर 2021 तक तीन रैंकिंग की ओवरऑल कैटेगरी में 28वें स्थान पर ही बना रहा। इस दौरान इंजीनियरिंग श्रेणी में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन 2021 से इस कैटेगरी में भी रैंकिंग गिरने लगी है।
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IIT BHU
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस साल क्यूएस रैंकिंग में सातवां स्थान हासिल कर चुके आईआईटी बीएचयू ने एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) में अपेक्षाकृत प्रदर्शन नहीं किया है। बीते पांच साल के दौरान एनआईआरएफ की महत्वपूर्ण दो कैटेगरी ओवरऑल और इंजीनियरिंग में आईआईटी बीएचयू की रैंकिंग गिरी है या स्थित रही है।
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2023 में जारी रैंकिंग में आईआईटी बीएचयू ओवरऑल कैटेगरी में 31वें और इंजीनियरिंग कैटेगरी में 15वें स्थान पर रहा। इस साल एनआईआरएफ की ओर से जारी होने वाली रैंकिंग में आईआईटी को बेहतर स्थान की उम्मीद है।
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) की ओर से सितंबर 2015 में लॉन्च एनआईआरएफ की पहली रैंकिंग 2016 में जारी की गई थी। उस समय केवल चार कैटेगरी यूनिवर्सिटी, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और फार्मेसी शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग जारी की गई। इसके बाद मूल्यांकन के लिए संस्थानों का दायरा बढ़ाते हुए इसमें ओवरऑल, कॉलेज, मेडिकल, लॉ, आर्किटेक्चर, मेडिकल और डेंटल कैटेगरी के संस्थानों को भी शामिल किया गया।
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पांच पैरामीटर पर होता है मूल्यांकन
2017 में आईआईटी बीएचयू को ओवरऑल और इंजीनियरिंग श्रेणी में क्रमशः 70 और 31वीं रैंक मिली थी। इसके बाद 2018 में आईआईटी बीएचयू के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ और यह संस्थान ओवरऑल कैटेगरी में देशभर में 70 से छलांग लगाकर 28वें और इंजीनियरिंग कैटेगरी में 31 से ऊपर उठकर 19वें स्थान पर आ गया। मगर, 2018 से 2021 तक आईआईटी बीएचयू की रैंकिंग ठहर सी गई। इस दौरान इंजीनियरिंग श्रेणी में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन 2021 से इस कैटेगरी में भी रैंकिंग गिरने लगी है।
एनआईआरएफ में पांच पैरामीटर्स पर मूल्यांकन किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से टीचिंग-लर्निंग रिसोर्स, रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, विद्यार्थियों तक आउटरीच और पीयर परसेप्शन की कसौटी पर संस्थानों का मूल्यांकन होता है।
दसवें से 11वें स्थान पर बीएचयू
एनआईआरएफ में बीएचयू की रैंकिंग एक-एक पायदान नीचे गिरी। हालांकि बीते साल इसकी रैंकिंग में वृद्धि हुई। यूनिवर्सिटी कैटेगरी में 2016 में सातवें स्थान पर रहा बीएचयू 2017 से लगातार 2021 तक यानी पांच साल तक तीसरे स्थान पर रहा। 2022 में रैंकिंग गिरकर छठे स्थान पर आई तो 2023 में फिर से पांचवें स्थान पर जगह बना ली। वहीं ओवरऑल रैंकिंग में 2019 से 2021 तक बीएचयू दसवें स्थान पर रहा लेकिन 2022 और 2023 में 11वें स्थान पर आ गया।
एनआईआरएफ में पांच पैरामीटर्स पर मूल्यांकन किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से टीचिंग-लर्निंग रिसोर्स, रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, विद्यार्थियों तक आउटरीच और पीयर परसेप्शन की कसौटी पर संस्थानों का मूल्यांकन होता है।
दसवें से 11वें स्थान पर बीएचयू
एनआईआरएफ में बीएचयू की रैंकिंग एक-एक पायदान नीचे गिरी। हालांकि बीते साल इसकी रैंकिंग में वृद्धि हुई। यूनिवर्सिटी कैटेगरी में 2016 में सातवें स्थान पर रहा बीएचयू 2017 से लगातार 2021 तक यानी पांच साल तक तीसरे स्थान पर रहा। 2022 में रैंकिंग गिरकर छठे स्थान पर आई तो 2023 में फिर से पांचवें स्थान पर जगह बना ली। वहीं ओवरऑल रैंकिंग में 2019 से 2021 तक बीएचयू दसवें स्थान पर रहा लेकिन 2022 और 2023 में 11वें स्थान पर आ गया।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डीन बोले
क्यूएस और एनआईआरएफ की रैंकिंग के पैरामीटर्स अलग-अलग होते हैं। इसके चलते इनके रिजल्ट भी अलग हो सकते हैं। पिछली बार हमने क्यूएस रैंकिंग में बेहतर किया है। आने वाली एनआईआरएफ रैंकिंग में भी बेहतरी की उम्मीद है। हमने आईआईटी में कई बिंदुओं पर उल्लेखनीय प्रयास किया है। -प्रो. विकास दुबे, डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट
वर्ष ओवरऑल इंजीनियरिंग
2018 28 19
2019 28 11
2021 28 14
2022 29 13
2023 31 15
वर्ष ओवरऑल इंजीनियरिंग
2018 28 19
2019 28 11
2021 28 14
2022 29 13
2023 31 15