IIT BHU: इको फ्रेंडली फसलों की नैनो तकनीक खोजी, विनाशकारी बीमारी में करेगा काम; नीदरलैंड्स में छपा रिसर्च
Varanasi News: डिफेंस प्राइमिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें अतिरिक्त ऊर्जा खर्च किए बिना ही पौधे सामान्य परिस्थितियों में बदलाव के लिए तैयार रहते हैं और रोग या दूसरी प्रतिकूल परिस्थितियों के समय तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया दे पाते हैं।
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IIT BHU: बीएचयू और आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों ने सतत फसल सुरक्षा के लिए एक हरित नैनो तकनीक विकसित की। इसे डिफेंस प्राइमिंग कहा जा रहा है जो कि गेहूं की सबसे सबसे विनाशकारी बीमारी स्पॉट ब्लॉच को रोकने के साथ ही इको फ्रेंडली खेती का विकल्प तैयार करेगी। यह रिसर्च नीदरलैंड्स से प्रकाशित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका प्लांट नैनो बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।
विज्ञान संस्थान के वनस्पति विज्ञान विभाग में डॉ. प्रशांत सिंह और उनकी शोध टीम और आईआईटी के स्कूल ऑफ मटेरियल्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों के सहयोग से गेहूं में रोग प्रतिरोधक क्षमता और उत्पादकता बढ़ाई जाएगी।
इस शोध से यह पता चला है कि पर्यावरण के अनुकूल जिंक ऑक्साइड नैनोकण गेहूं में बाई पोलरिस सोरोकिनियाना नाम के फफूंद से होने वाली स्पॉट ब्लॉच बीमारी के खिलाफ डिफेंस प्राइमिंग एजेंट के रूप में कार्य कर सकते हैं।
स्वस्थ पत्तियां और पौधों की वृद्धि होगी
अध्ययन के अनुसार हरित विधि से तैयार और जिंक ऑक्साइड नैनो कणों से ट्रीट कराए गए गेहूं के पौधे सामान्य परिस्थितियों में स्वस्थ बने रहते हैं लेकिन रोगाणुओं के संपर्क में आने पर उनमें ज्यादा मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। ऐसे पौधों में बेहतर वृद्धि, ज्यादा स्वस्थ पत्तियां, बेहतर प्रकाश संश्लेषण क्षमता और सशक्त जैव-रासायनिक रक्षा प्रतिक्रियाएं देखी गईं।
सूक्ष्म विश्लेषण से संकेत मिला है कि यह प्रभाव एपिजेनेटिक परिवर्तनों यानी कि डीएनए का सीक्वेंस बदले बिना ही जीन की कार्यप्रणाली और बदलावों का अध्ययन किया जाता है। विशेष रूप से प्रमुख रक्षा जीनों के नियामक क्षेत्रों में डीएनए मिथाइलेशन के बदलाव से जुड़ा है।
यह गेहूं में अंतर-पीढ़ी प्रतिरक्षा स्मृति की उपस्थिति का संकेत देता है। डॉ. प्रशांत सिंह के अनुसार, यह शोध इको फ्रेंडली खेती की तकनीक विकसित की जा सकती है। इस शोध टीम में निधि यादव, बंधना देवी, पी. थिरुनारायणन, संजीव कुमार, चंदन उपाध्याय और डॉ. प्रशांत सिंह शामिल हैं।