UP: IIT BHU की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला, विवेचक से हुई जिरह; अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी
Varanasi News: आईआईटी की छात्रा से देर रात सामूहिक दुष्कर्म का मामला काफी चर्चित हुआ था। इसमें भाजपा आईटी सेल के कार्यकर्ताओं का नाम सामने आया था। इसके बाद यह राजनीतिक चर्चा का भी विषय बन गया था। विपक्ष ने सरकार ने सियासी तंज भी किए थे।
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Varanasi News: वाराणसी के चर्चित बीएचयू आईआईटी छात्रा सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) में सुनवाई हुई। न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में मामले के विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव गवाह के रूप में उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच जिरह की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अदालत में आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से अधिवक्ता अजय सिंह ने विवेचक से विस्तृत जिरह की। इस दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए गए। जिरह की कार्यवाही जारी रखते हुए न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता मौजूद रहे और उन्होंने अदालत में पक्ष रखा। वहीं, तीसरे आरोपी आनंद चौहान उर्फ अभिषेक की ओर से भी उनके अधिवक्ता अदालत में उपस्थित रहे।
ये है पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार, दो नवंबर 2023 की रात आईआईटी बीएचयू परिसर में एक छात्रा के साथ उस समय सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी, जब वह अपने परिचित के साथ बाहर निकली थी। आरोप है कि बाइक सवार तीन युवकों ने छात्रा को रोककर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की तहरीर पर लंका थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल को आरोपी बनाया। मामले में पहले ही पीड़िता और उसके साथी का बयान दर्ज किया जा चुका है और बचाव पक्ष द्वारा उनकी जिरह भी पूरी कर ली गई है। इसके बाद अब अन्य गवाहों की क्रमवार पेशी हो रही है।
इसी क्रम में विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव का बयान पहले दर्ज हो चुका था, लेकिन उनकी जिरह शेष थी। अब अदालत में उनकी जिरह कराई जा रही है, जो मामले की सुनवाई का अहम हिस्सा मानी जा रही है। अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि तय करते हुए मामले की कार्यवाही आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।