रिसर्च एक्सलेंस फेलोशिप की सौगात: आईआईटी बीएचयू के पुरातन छात्रों ने दिए 1.33 करोड़, तीन विभागों में मिलेगी फेलोशिप
आईआईटी बीएचूय के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि यह योगदान संस्थान में शैक्षणिक और अनुसंधान इको-सिस्टम को मजबूत बनाने में एक प्रबल प्रभाव डालेगा।
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आईआईटी बीएचयू के शिक्षकों के लिए रिसर्च एक्सीलेंस फेलोशिप की शुरुआत हुई है। संस्थान के 1994 बैच के पूर्व छात्रों ने इसके लिए 1.33 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। अमेरिका में रहने वाले पूर्व छात्र मनु श्रीवास्तव, श्रीकांत कोम्मू और आईआईटी बीएचयू में अधिष्ठाता (संसाधन एवं पूर्व छात्र) प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
यह फेलोशिप अनुसंधान क्षेत्र के अलावा स्थायी आधार पर भी जारी रहेगी। पूर्व छात्रों की ओर से शुरू की गई यह फेलोशिप संस्थान के तीन विभागों से एक-एक संकाय सदस्य को प्रदान की जाएगी। इसमें रासायनिक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभाग शामिल हैं।
फेलोशिप प्रदान करने के लिए अनुसंधान और विशेषज्ञता के जिन क्षेत्रों का चयन किया गया है, उसमें रासायनिक इंजीनियरिंग में अक्षय ऊर्जा और स्थिरता विज्ञान, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में विनिर्माण, डिजाइन, थर्मल और फ्लूइड इंजीनियरिंग के साथ ही मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में कम्प्यूटेशनल सामग्री इंजीनियरिंग, सस्टेनेबल मैटेरियल्स, कोरोजन फैटीग और गर्म कोरोजन फैटीग व फ्रैक्चर, फेरस प्रोसेस मेटलर्जी हैं।
आईआईटी बीएचूय के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने पूर्व छात्राें के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह योगदान संस्थान में शैक्षणिक और अनुसंधान इको-सिस्टम को मजबूत बनाने में एक प्रबल प्रभाव डालेगा।
फेलोशिप से जुड़ी खास बातें
- यह फेलोशिप नियमित संकाय सदस्यों के लिए होगी।
- फेलोशिप दो साल की अवधि के लिए दी जाएगी ।
- एक संकाय सदस्य के लिए चार साल से अधिक समय के लिए निरंतर या फिर आंशिक रूप से उपलब्ध होगी।
- चुने गए संकाय सदस्य नए से लेकर वरिष्ठतम सदस्य तक हो सकते हैं।
- चयन समिति में दो पूर्व छात्रों के साथ ही आईआईटी बीएचयू निदेशक की ओर से नामित तीन सदस्य हैं।