IIT BHU: 10 दिन संस्कृत की ट्रेनिंग, स्पेशल कैंप में जुटेंगे देशभर के विद्वान; जानें पंजीकरण का आसान तरीका
IIT BHU: काशी नगरी में संस्कृत भाषा सिखाने के लिए देशभर के विद्वान जुटेंगे। आईआईटी बीएचयू में स्पेशल कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें गणमान्य लोग संस्कृत में ही भाषण देंगे और संवाद करेंगे।
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Varanasi News: आईआईटी बीएचयू में हिंदी के बाद अब संस्कृत सीखने-सिखाने का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। अब यहां के टेक्नोसेवी, स्टाफ, वैज्ञानिक और उनकी पत्नी-बच्चों को संस्कृत भाषण सिखाने के लिए 10 दिन का स्पेशल कैंप लगाया जाएगा।
18 से 28 अगस्त तक 'संस्कृत भाषणम् शिविरम्' का आयोजन होगा। इसमें देश भर के संस्कृत के विद्वान पहुंचेंगे। संस्थान के एबीएलटी हॉल-1 में 18 अगस्त से शाम के छह से सात बजे तक कैंप में संस्कृत में भाषण और संवाद कराने की विधा सिखाई जाएगी।
इसका आयोजन आईआईटी बीएचयू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन इंडियन नॉलेज सिस्टम और नई दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से कराया जा रहा है।
इस संस्कृत भाषण ट्रेनिंग के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। 16 अगस्त रात 10 बजे तक रजिस्ट्रेशन कराने का मौका होगा, इसके लिए ऑनलाइन बार कोड जारी किया गया है, जिसे मोबाइल से स्कैन करके पंजीकरण कराया जा सकता है।
हिंदी-संस्कृत में पीएचडी थीसिस का सारांश लिखने की अनुमति मिली
इससे पहले देश में पहली बार फरवरी महीने में आईआईटी बीएचयू में संस्कृत और हिंदी में पीएचडी थीसिस का सारांश लिखने की अनुमति दी गई थी। संस्थान में पिछले साल सितंबर की सीनेट बैठक में राजभाषा प्रकोष्ठ की ओर से दिए गए प्रस्ताव को पारित करके ये व्यवस्था शुरू की गई थी।
2021 से हिंदी को बढ़ावा देने की अगुवाई कर रहा संस्थान
2021 में आईआईटी बीएचयू ने बीटेक के सिलेबस और लेक्चर में हिंदी विषय को भी शामिल किया गया था। बीटेक पहले साल में हिंदी के लेक्चर लेने का फैसला लेने वाला आईआईटी बीएचयू देश का पहला संस्थान बना था। विभागों के लैब मैनुअल अंग्रेजी के साथ ही हिंदी में तैयार किए गए हैं। इंजीनियरिंग की किताबों का अनुवाद चल रहा है।