{"_id":"5c1916e6bdec2256b61c18c6","slug":"if-u-wish-job-then-arrange-one-girl-and-10-thousand-rupees","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'10 हजार रुपये और लड़की की व्यवस्था करो, साहब खुश हो जाएंगे तो नौकरी पक्की'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'10 हजार रुपये और लड़की की व्यवस्था करो, साहब खुश हो जाएंगे तो नौकरी पक्की'
Wed, 19 Dec 2018 10:52 AM IST
utpal utpal
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भदोही
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भदोही
Published by: utpal utpal
Updated Wed, 19 Dec 2018 10:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘10 हजार रुपये और एक लड़की की व्यवस्था कर दो। साहब खुश हो जाएंगे तो तुम्हें नौकरी मिल जाएगी।’ भदोही के महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल में काम करने वाली एक महिला ने सुपरवाइजर और अस्पताल के बाबू पर यह आरोप लगाया है। उसने श्रम विभाग में शिकायत की है।
सुरियावां थानाक्षेत्र के तुलापुर बहदुरान निवासी सुशीला देवी (55) एमबीएस अस्पताल में एक कार्यदायी संस्था के माध्यम से सफाईकर्मी के पद पर नियुक्त थीं। उन्हें पांच हजार रुपये मानदेय मिलता था। पिछले दिनों उन्हें यह कहकर नौकरी से हटा दिया गया था कि दो माह बाद फिर रख लिया जाएगा।
उसने शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वह दोबारा काम के लिए आई तो सुपरवाइजर और अस्पताल के एक बाबू ने उससे 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी। असमर्थता जताने पर कहा कि 10 हजार रुपये दे दो और एक लड़की की व्यवस्था कर दो। साहब को खुश करना पड़ता है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. जयनरेश ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुरियावां थानाक्षेत्र के तुलापुर बहदुरान निवासी सुशीला देवी (55) एमबीएस अस्पताल में एक कार्यदायी संस्था के माध्यम से सफाईकर्मी के पद पर नियुक्त थीं। उन्हें पांच हजार रुपये मानदेय मिलता था। पिछले दिनों उन्हें यह कहकर नौकरी से हटा दिया गया था कि दो माह बाद फिर रख लिया जाएगा।
विज्ञापन
उसने शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वह दोबारा काम के लिए आई तो सुपरवाइजर और अस्पताल के एक बाबू ने उससे 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी। असमर्थता जताने पर कहा कि 10 हजार रुपये दे दो और एक लड़की की व्यवस्था कर दो। साहब को खुश करना पड़ता है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. जयनरेश ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
लखनऊ की कार्यदायी संस्था की ओर से सफाईकर्मी काम करते हैं। इससे अस्पताल से कोई सरोकार नहीं है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतिमा मौर्य ने बताया कि श्रम विभाग अपने क्षेत्र से जुड़े बिंदुओं की जांच कर रहा है। उधर, सुपरवाइजर ने कहा कि महिला ठीक से काम नहीं करती थी। इसलिए उसे हटा दिया गया है।
इसके कारण वह आरोप लगा रही है। जबकि बाबू का कहना है कि मैं अस्पताल का कर्मचारी हूं। मेरा कार्यदायी संस्था के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। सीएमओ डॉ. एसएम सहाय ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है।
इस संबंध में एमबीएस के अधीक्षक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह आउटसोर्सिंग के कर्मचारी से जुड़ा मामला है। लखनऊ की एक कंपनी ठेके पर कर्मचारियों की नियुक्ति करती है। इससे स्वास्थ्य विभाग का कोई लेना-देना नहीं है।
इसके कारण वह आरोप लगा रही है। जबकि बाबू का कहना है कि मैं अस्पताल का कर्मचारी हूं। मेरा कार्यदायी संस्था के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। सीएमओ डॉ. एसएम सहाय ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है।
इस संबंध में एमबीएस के अधीक्षक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह आउटसोर्सिंग के कर्मचारी से जुड़ा मामला है। लखनऊ की एक कंपनी ठेके पर कर्मचारियों की नियुक्ति करती है। इससे स्वास्थ्य विभाग का कोई लेना-देना नहीं है।