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बायोमैट्रिक हाजिरी नहीं तो तैयार रहें अवकाश के लिए
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बायोमैट्रिक हाजिरी के लिए कुलपति की अध्यक्षता में बैठक हुई। सोमवार को सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में बैठक के दौरान कुलपति के तेवर तल्ख नजर आए। कुलपति प्रो. एके त्यागी ने संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्षों को साफ-साफ संकेत दिया कि बायोमैट्रिक हाजिरी हर हाल में लगानी होगी नहीं तो अवकाश लेने के लिए तैयार रहें।
कुलपति प्रो. त्यागी ने साफ कहा कि यूजीसी का आदेश है कि शहर में जाम लगा हो, वर्षा हो रही हो किसी भी कीमत पर समय से आकर बायोमैट्रिक हाजिरी देनी होगी, नहीं तो आप अवकाश लेने के लिए तैयार रहें। शाम 5:30 बजे बायोमैट्रिक मशीन बंद हो जाएगी। शिक्षकों को सुबह 10 से 11 बजे तक ओर शाम को पांच से 5:30 बजे तक बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी होगी। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को 10 से 10:30 तक शाम को 4:30 से पांच बजे तक बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी होगी। जिन विभागों में सुबह की कक्षाएं चलती हैं उन विभागों में सुबह आठ से एक बजे तक हाजिरी लगानी होगी।
उन्होंने बताया कि निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कार्यालय खुलने से आधा घंटे पहले और बंद होने के आधा घंटा बाद तक विभाग में उपस्थित रहेंगे। तदर्थ संविदा तथा अतिथि अध्यापकों को बायोमैट्रिक हाजिरी के साथ विभागों में छह घंटा तथा कर्मचारियों को सात घंटा विश्वविद्यालय में कार्य करना ही होगा। बैठक के दौरान कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, वित्त अधिकारी संतोष शर्मा, सहायक कुलसचिव हरिश्चंद्र, प्रो. योगेंद्र सिंह, प्रो. बृजेश सिंह, प्रो. सत्या सिंह, प्रो. बंशीधर पांडेय, प्रो. शशि देवी सिंह मौजूद रहीं।
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संविदा और अतिथि शिक्षक होंगे विश्वविद्यालय का हिस्सा
बैठक के दौरान एक संकायाध्यक्ष ने अतिथि शिक्षकों को विश्वविद्यालय का अंग न बनाने की बात कही। कहा कि वह सिर्फ कक्षाएं लें और चले जाएं। इस पर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने संकेत दिया कि संविदा और अतिथि अध्यापक विश्वविद्यालय का हिस्सा होंगे और उनके वेतन में बढ़ोत्तरी की जाएगी। उनसे विभागों में छह घंटे कार्य भी लिया जाएगा। प्रो. त्यागी ने कहा कि संविदा या अतिथि अध्यापक आपसे बेहतर और जानकार हैं। पढ़ाने की कूवत रखते हैं। उनको नजरअंदाज करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह विश्वविद्यालय में आप नियुक्त हो गए तो आप विद्वान हैं। यह भ्रम है और इसे दूर कर लें।
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कुलपति प्रो. त्यागी ने साफ कहा कि यूजीसी का आदेश है कि शहर में जाम लगा हो, वर्षा हो रही हो किसी भी कीमत पर समय से आकर बायोमैट्रिक हाजिरी देनी होगी, नहीं तो आप अवकाश लेने के लिए तैयार रहें। शाम 5:30 बजे बायोमैट्रिक मशीन बंद हो जाएगी। शिक्षकों को सुबह 10 से 11 बजे तक ओर शाम को पांच से 5:30 बजे तक बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी होगी। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को 10 से 10:30 तक शाम को 4:30 से पांच बजे तक बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी होगी। जिन विभागों में सुबह की कक्षाएं चलती हैं उन विभागों में सुबह आठ से एक बजे तक हाजिरी लगानी होगी।
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उन्होंने बताया कि निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कार्यालय खुलने से आधा घंटे पहले और बंद होने के आधा घंटा बाद तक विभाग में उपस्थित रहेंगे। तदर्थ संविदा तथा अतिथि अध्यापकों को बायोमैट्रिक हाजिरी के साथ विभागों में छह घंटा तथा कर्मचारियों को सात घंटा विश्वविद्यालय में कार्य करना ही होगा। बैठक के दौरान कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, वित्त अधिकारी संतोष शर्मा, सहायक कुलसचिव हरिश्चंद्र, प्रो. योगेंद्र सिंह, प्रो. बृजेश सिंह, प्रो. सत्या सिंह, प्रो. बंशीधर पांडेय, प्रो. शशि देवी सिंह मौजूद रहीं।
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संविदा और अतिथि शिक्षक होंगे विश्वविद्यालय का हिस्सा
बैठक के दौरान एक संकायाध्यक्ष ने अतिथि शिक्षकों को विश्वविद्यालय का अंग न बनाने की बात कही। कहा कि वह सिर्फ कक्षाएं लें और चले जाएं। इस पर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने संकेत दिया कि संविदा और अतिथि अध्यापक विश्वविद्यालय का हिस्सा होंगे और उनके वेतन में बढ़ोत्तरी की जाएगी। उनसे विभागों में छह घंटे कार्य भी लिया जाएगा। प्रो. त्यागी ने कहा कि संविदा या अतिथि अध्यापक आपसे बेहतर और जानकार हैं। पढ़ाने की कूवत रखते हैं। उनको नजरअंदाज करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह विश्वविद्यालय में आप नियुक्त हो गए तो आप विद्वान हैं। यह भ्रम है और इसे दूर कर लें।