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IAS अधिकारी संजय खत्री की पत्नी नहीं है फरियादी, लड़की के भाई ने सामने आकर बताई सच्चाई
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Tue, 28 Nov 2017 05:21 PM IST
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लड़की का भाई
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दो दिन से सोशल मीडिया पर आईएएस अधिकारी संजय खत्री की शादी की चर्चा जोरों पर है। लोगों का कहना है कि संजय खत्री ने उनके पास फरियाद लेकर आई लड़की से शादी की है। जब यह चर्चा काफी तेजी से फैली तो लड़की के भाई ने सामने आकर पूरी सच्चाई बताई है।
युवा आईएएस अधिकारी संजय कुमार खत्री ने 19 नवंबर को दिल्ली में विजयलक्ष्मी से शादी की। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी संजय खत्री वर्तमान में रायबरेली के डीएम हैं। इससे पहले वह गाजीपुर के डीएम थे। वहां योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के विरोध के बाद चर्चा में आए थे।
इसके बाद उन्हें हटाकर रायबरेली का डीएम बनाया गया था। उनकी शादी को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा रही कि खत्री जब गाजीपुर के डीएम थे, यह युवती बतौर फरियादी उनसे मिली। कई बार आने-जाने पर बात आगे बढ़ी और विवाह तक पहुंच गई।
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सोशल मीडिया चल रही इन बातों का लड़की के भाई ने खडंन किया है। लड़की के भाई ने बताया कि विजयलक्ष्मी की शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुई है। शादी के दौरान दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद थे। शादी चार साल पहले से ही तय थी। शादी का कार्ड एक महीने पहले ही बंट चुका था।
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युवा आईएएस अधिकारी संजय कुमार खत्री ने 19 नवंबर को दिल्ली में विजयलक्ष्मी से शादी की। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी संजय खत्री वर्तमान में रायबरेली के डीएम हैं। इससे पहले वह गाजीपुर के डीएम थे। वहां योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के विरोध के बाद चर्चा में आए थे।
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इसके बाद उन्हें हटाकर रायबरेली का डीएम बनाया गया था। उनकी शादी को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा रही कि खत्री जब गाजीपुर के डीएम थे, यह युवती बतौर फरियादी उनसे मिली। कई बार आने-जाने पर बात आगे बढ़ी और विवाह तक पहुंच गई।
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सोशल मीडिया चल रही इन बातों का लड़की के भाई ने खडंन किया है। लड़की के भाई ने बताया कि विजयलक्ष्मी की शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुई है। शादी के दौरान दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद थे। शादी चार साल पहले से ही तय थी। शादी का कार्ड एक महीने पहले ही बंट चुका था।
जीवन संगिनी पुरानी परिचित
sanjay khatri
दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाजों से संपन्न हुई। फरियादी लड़की वाली बात को लेकर भाई का कहना है कि विजयलक्ष्मी और संजय दिल्ली में आईएएस की तैयारी कर रहे थे उस दौरान उन लोगों के बीच दोस्ती हुई थी।
संजय का आईएएस में चयन हो गया लेकिन विजयलक्ष्मी का चयन नहीं हुआ तो वह वापस गाजीपुर लौट आईं। संयोगवश संजय की पहली तैनाती गाजीपुर में डीएम के रुप में हुई। इस दौरान संजय की विजयलक्ष्मी के परिवार से जान-पहचान हुई। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच आना जाना हुआ।
संजय के परिवार और मेरी बहन के परिवार में अच्छे संबंध हो गए। फिर दोनों के रिश्ते को लेकर विचार किया और शादी को लेकर दोनों परिवारों लोगों ने अपनी रजामंदी दे दी।
इस संबंध में राबयरेली के डीएम संजय खत्री का कहना है कि विवाह उनके जीवन का निजी मामला है। उनकी जीवन संगिनी पुरानी परिचित हैं। इसमें सार्वजनिक करने जैसा कुछ भी नहीं है।
संजय का आईएएस में चयन हो गया लेकिन विजयलक्ष्मी का चयन नहीं हुआ तो वह वापस गाजीपुर लौट आईं। संयोगवश संजय की पहली तैनाती गाजीपुर में डीएम के रुप में हुई। इस दौरान संजय की विजयलक्ष्मी के परिवार से जान-पहचान हुई। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच आना जाना हुआ।
संजय के परिवार और मेरी बहन के परिवार में अच्छे संबंध हो गए। फिर दोनों के रिश्ते को लेकर विचार किया और शादी को लेकर दोनों परिवारों लोगों ने अपनी रजामंदी दे दी।
इस संबंध में राबयरेली के डीएम संजय खत्री का कहना है कि विवाह उनके जीवन का निजी मामला है। उनकी जीवन संगिनी पुरानी परिचित हैं। इसमें सार्वजनिक करने जैसा कुछ भी नहीं है।