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साइकिल से आता था बीएचयू, गरीबी रेखा के भी नीचे था, बंबई रेडियो में एक गाने का था सपना : समीर अंजान
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वाराणसी मेंं बुधवार को बीएचयू के एंफिथिएटर मैदान में चल रहे स्पंदन कार्यक्रम में गीत कार समीर
बीएचयू के वार्षिक युवा महोत्सव स्पंदन 2026 का समापन हो गया। कई दशकों बाद अपने मातृ संस्थान में लौटने के बाद प्रख्यात गीतकार समीर अंजान भावुक दिखे। एंफीथियेटर मैदान के मंच पर उन्होंने कहा, मुझे बीएचयू के सारे पुराने मंजर याद आने लगे हैं। वो हीरो साइकिल का रंग भी याद आ गया। मैं हीरो साइकिल पर बैठकर बीएचयू में पढ़ने आता था। सोचता था कि काश मेरे पास स्कूटर होती तो लड़कियां मुझे भी चाहने लगतीं। इस मंच से आपको जीवन में बहुत सा मोटिवेशन मिलेगा। इसी मिट्टी से पैदा हुआ आपका दोस्त गरीबी की रेखा के नीचे से निकलकर आगे बढ़ा है। मैंने तो कुछ नहीं किया, मेरे पीछे कोई तीसरी ताकत थी। ये ताकत आप हैं। मैं तो ये सोचकर मुंबई गया था कि एक गाना रेडियो सीलोन पर बज गया तो मैं बनारस वापस आ जाऊंगा। लेकिन फिर सिलसिला रुका ही नहीं।
बच्चों को जोड़ने के लिए बनाया याद सताए तेरी
समीर ने कहा, मुन्नी बदनाम का जवाब मैंने छोड़ छाड़ के सलीम की गली से दिया। फिर सोचा कि नए जमाने के बच्चों के साथ पहचान कैसे होगी। फिर हेराफेरी फिल्म का गाना ऑल डे ऑल नाइट मुझे याद सताए तेरी... लिखा और बच्चे इससे कनेक्ट हो गए। मंच पर समीर अंजान के सिनेमाई इतिहास के ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां हुईं। समीर अंजान की भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय यात्रा का परिचय कराया गया। प्रस्तुति में उनके चर्चित गीतों की झलकियों और फिल्म जगत के स्टारों का संदेश सुनाया गया। समीर तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार और गिनीज विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं। अब तक 640 से ज्यादा फिल्मों के लिए 4500 से अधिक गीत लिखे हैं। वाराणसी से हिंदी फिल्म उद्योग तक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए।
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बच्चों को जोड़ने के लिए बनाया याद सताए तेरी
समीर ने कहा, मुन्नी बदनाम का जवाब मैंने छोड़ छाड़ के सलीम की गली से दिया। फिर सोचा कि नए जमाने के बच्चों के साथ पहचान कैसे होगी। फिर हेराफेरी फिल्म का गाना ऑल डे ऑल नाइट मुझे याद सताए तेरी... लिखा और बच्चे इससे कनेक्ट हो गए। मंच पर समीर अंजान के सिनेमाई इतिहास के ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां हुईं। समीर अंजान की भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय यात्रा का परिचय कराया गया। प्रस्तुति में उनके चर्चित गीतों की झलकियों और फिल्म जगत के स्टारों का संदेश सुनाया गया। समीर तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार और गिनीज विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं। अब तक 640 से ज्यादा फिल्मों के लिए 4500 से अधिक गीत लिखे हैं। वाराणसी से हिंदी फिल्म उद्योग तक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए।
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