'मुझे पता है मर जाऊंगी मैं तो कुछ करके..': ट्यूमर से पीड़ित छात्रा ने 50 हजार बार राम लिखकर बनाई पेंटिंग
मूल रुप से झारंखड की रहने वाली प्रीति कुमारी ने बीएचयू दृश्यकला संकाय में 2019 में बैचलर आफ फाइन आर्ट्स में दाखिला लिया। शुरू से ही पेंटिंग के क्षेत्र में कुछ कर गुजरने की चाहत को पूरी करने की दिशा में प्रयासरत रही।
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मन में अगर कुछ भी कर गुजरने का हौसला हो और परिस्थितियां विपरीत हो तो भी हर राह आसान हो जाती है। बीएचयू में दृश्यकला संकाय की छात्रा प्रीति कुमारी ने भी अपने हौसलों से वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इसके लिए उसे सर्टिफिकेट, मेडल सहित अन्य पुरस्कार मिले हैं। जन्मजात ट्यूमर से ग्रसित होने के बाद भी हार नहीं मानी।
एक ही हाथ से 50181 बार प्रभुश्रीराम नाम लिखकर राम और सिया की मनमोहक आकृति तैयार कर डाली। इस उपलब्धि को पाने के बाद वह बहुत खुश है और जिंदगी के बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मूल रुप से झारंखड की रहने वाली प्रीति कुमारी ने बीएचयू दृश्यकला संकाय में 2019 में बीएफए यानी बैचलर आफ फाइन आर्ट्स में दाखिला लिया।
11 घंटे में प्रभु श्रीराम का 50181 बार लिखा नाम
शुरू से ही पेंटिंग के क्षेत्र में कुछ कर गुजरने की चाहत को पूरी करने की दिशा में प्रयासरत रही। दो भाई और दो बहनों में दूसरे नंबर की प्रीति की माता सुनीता देवी गृहिणी और पिता दिनेश प्रसाद मंडल रेलवे में इंजीनियर हैं।
प्रीति का कहना है कि वह बीएचयू में पढ़ाई के साथ ही कला के क्षेत्र में अब तक कई अवार्ड पा चुकी पूनम राय से भी मार्गदर्शन लेती रहती है। बताया कि पढ़ाई के बाद जो समय मिलता है, उसमें ही इस मिशन को पूरा किया। अलग-अलग दिनों में काम कर करीब 11 घंटे में प्रभु श्रीराम का 50181 बार नाम लिखकर आकृति बनाई।
आधे शरीर में फैली बीमारी, बायां हाथ नहीं करता काम
अमर उजाला से बातचीत में प्रीति कुमारी ने बड़ा भावुक होकर कहा कि बाएं हाथ में मुझे ट्यूमर की बीमारी बचपन से ही थी। चार से पांच बार ऑपरेशन भी हो चुका है। इसमें बाएं हाथ की उंगली भी काटनी पड़ी। अब वह बिल्कुल काम नहीं करता है। इस वजह से दाहिने हाथ का ही सहारा है।
अब तो ट्यूमर की बीमारी आधे शरीर में फैल गई है। मुझे पता है कि अब बीमारी दूर नहीं होने वाली है और इसका परिणाम भी मुझे पता है। मैने ठान लिया हैं कि बड़ी उपलब्धि हासिल करनी है। इसी दिशा में लगातार प्रयास जारी है।