Varanasi: 2024 में होगा हाइड्रोजन इंजन का ट्रायल, रेलवे बोर्ड के सदस्य बोले- IIT BHU प्रोफेसर का है प्रोजेक्ट
रेलवे बोर्ड (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) के सदस्य नवीन गुलाटी गुरुवार को वाराणसी पहुंचे। कैंट स्टेशन पर अधिकारियों संग यार्ड रिमॉडलिंग, राजघाट गंगा पर प्रस्तावित डबल डेकर पुल और काशी स्टेशन के निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा की।
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भारतीय रेलवे ने प्रदूषण नियंत्रण की ओर कदम बढ़ाते हुए हाइड्रोजन इंजन पर काम शुरू कर दिया है। ऊर्जा के विकल्प के रूप में हाइड्रोजन इंजन पर काम चल रहा है। इसका फील्ड ट्रायल 2024 से होगा। प्रयोग सफल होने पर ट्रेनें हाइड्रोजन इंजन से चलेंगी। उक्त बातें रेलवे बोर्ड (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) के सदस्य नवीन गुलाटी ने कहीं। कहा कि आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर एनएन महिंद्रा के इंडक्शन मोटर प्रोजेक्ट पर नासिक स्थित आयरिन संस्थान के प्रोफेसर शोध कर रहे हैं। प्रयोग सफल रहने पर रेलवे इसे अमल में लाएगा।
हाइड्रोजन ईंधन ऊर्जा का बेहतर विकल्प होगा। परीक्षण में कामयाब रहने पर ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो जाएगी। कॉमर्शियल काम में अभी वक्त लगेगा। इससे पूर्व नवीन गुलाटी ने बीएलडब्ल्यू में इंजन निर्माण गुणवत्ता में बढ़ोतरी पर विचार विमर्श किया।
गुरुवार को कैंट स्टेशन पर अधिकारियों संग यार्ड रिमॉडलिंग, राजघाट गंगा पर प्रस्तावित डबल डेकर पुल और काशी स्टेशन के निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा की। डीआरएम लालजी चौधरी, स्टेशन निदेशक गौरव वर्मा मौजूद रहे।
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ढाई साल में काशी स्टेशन का होगा निर्माण
ट्रेनों की रफ्तार और संख्या बढ़ाने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। काशी स्टेशन और राजघाट पुल के डीपीआर को जल्द मंजूरी मिलेगी। मंजूरी के ढाई वर्ष में इंटर मॉडल स्टेशन काशी और गंगा पर राजघाट पुल का निर्माण चार वर्ष में पूरा हो जाएगा। कैंट स्टेशन यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा।