अकीदत: हुसैन का मना तीजा, अलम और दुलदुल के उठे जुलूस, घरों में हुई फातिहा; मजलिस-मातम का सिलसिला रहा जारी
Varanasi News: इमाम हुसैन और शहीदाने करबला का तीजा अकीदत से मनाया गया। इस मौके पर शहर भर से तीजे का जुलूस निकला। जुलूस में या हुसैन, नारे हैदरी, एक नारा खास है अब्बास है अब्बास है...की सदाएं बुलंद होती रहीं।
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अलम, दुलदुल और ताबूत की जियारत के लिए इमामबाड़ों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। जुलूस में अखाड़ों ने फन-ए-सिपहगिरी का मुजाहिरा कर युवाओं ने हैरत में डाल दिया। देर शाम तक सरैया, दरगाहे फातमान, शिवाला में जुलूस पहुंचकर ठंडे हुए।
करबला में शहीद इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों के तीजे पर सुबह कुरानख्वानी हुई। इमाम चौक से उठने वाले अलम को फूलों से सजाया। दोपहर बाद से जुलूस उठने का सिलसिला शुरू हुआ। हर इलाकों से उठे जुलूस में अलम, ताबूत, दुलदुल शामिल थे।
अखाड़ों के खलीफा ताशा व ढोल के साथ फन-ए-सिपहगिरी का मुजाहिरा करते हुए चल रहे थे। लाठी, बनेठी के कौशल देखते के लिए भीड़ रही। शिवपुर, नदेसर, भोजूबीर, सदर बाजार, कचहरी, अर्दली बाजार, हुकुलगंज, बड़ी बाजार, तेलियाबाग, गौरीगंज, बजरडीहा, नई सड़क, दालमंडी, बेनिया, पीतरकुंडा आदि इलाकों से उठे जुलूस देर शाम दरगाहे फातमान पहुंचकर ठंडे हुए। उधर, कज्जाकपुरा, कोनिया, पठानी टोला, जल्लालीपुरा, पुरानापुल आदि इलाकों के जुलूस सरैया इमामबाड़ा पहुंचे।
फूल की मजलिस में करबला के शहीदों का जिक्र
शिया समुदाय के घरों में फूल की मजलिस हुई। उलेमाओं ने शहीदाने करबला का जिक्र किया। काली महल स्थित शिया मस्जिद में हुई मजलिस में शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने तकरीर पेश की। जुमे की नमाज में भी इमाम की शहादत का जिक्र हुआ। 13 मुहर्रम शनिवार को सदर इमामबाड़े से दुलदुल का जुलूस निकाला जाएगा।
शिविर लगाकर की सेवा
जिया क्लब और डर्बीशायर क्लब की ओर से पितरकुंडा में शिविर लगा। शकील अहमद जादूगर के संचालन में जुलूस में शामिल लोगों को जलपान कराया गया। कुछ लोगों की तबीयत खराब होने पर उन्हें दवा दी गई। इरशाद अंसारी, शमीम अंसारी, फजलु रहमान आदि ने मदद की। हिंदुस्तानी बिरादरी संस्था के सदस्यों ने लल्लापुरा में शिविर लगाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों को चिकित्सा व पेयजल की व्यवस्था की।
अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र नाथ सिंह, राजकुमार यादव, डॉ. इकबाल अंसारी, पार्षद मो. हारून अंसारी, मो. इम्तियाज, प्रदीप मेहरोत्रा, मो. अख्तर, मो. शादिक, मो. इस्लाम आदि ने सेवा की।