फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   husband arrested by Varanasi Police from Azamgarh who missing for 5 years by deceiving wife

खुली पोल: पत्नी को धोखे में रख 5 साल से गायब पति को वाराणसी पुलिस ने आजमगढ़ से किया गिरफ्तार, माता-पिता की तलाश

Wed, 05 Jan 2022 07:26 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 05 Jan 2022 07:26 PM IST
सार

 पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया तो पति वाराणसी से फरार हो गया। सारनाथ थाने में अप्रैल 2017 में बेटे की गुमशुदगी का फर्जी मुकदमा माता-पिता ने दर्ज कराया था। जबकि उन्हें मालूम था कि बेटा कहां है। 

विज्ञापन
husband  arrested by Varanasi Police from Azamgarh who missing for 5 years by deceiving wife
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पत्नी से अनबन और मुकदमेबाजी से बचने के लिए पति ने अपनी ही गुमशुदगी की झूठी साजिश रची। परिजनों की मिलीभगत से गायब पति को वाराणसी के सारनाथ थाने की पुलिस ने पांच साल के बाद आजमगढ़ से मंगलवार की रात गिरफ्तार किया। वहीं धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में वांछित माता और पिता की गिरफ्तारी को पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार बेटे की गुमशुदगी का फर्जी मुकदमा माता-पिता ने दर्ज कराया था, जबकि बेटा उनके संज्ञान में चोरी छिपे आजमगढ़ स्थित भवरनाथ में किराए के मकान में रह रहा था।  एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सारनाथ थाना अंतर्गत बेनीपुर निवासी लक्ष्मी प्रसाद उपाध्याय ने 12 अप्रैल 2017 को सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि बेटा अरविंद उपाध्याय घर से गायब हो गया है।
विज्ञापन


जिसकी बरामदगी के लिए हाईकोर्ट से आदेश के क्रम में पुलिस टीमों का गठन किया गया। सारनाथ थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उप निरीक्षक संग्राम सिंह यादव और उनकी टीम में शामिल देवाशीष, रामानंद यादव को सूचना मिली कि पिछले पांच साल से गायब अरविंद इस समय आजमगढ़ के कंधरापुर थाना अंतर्गत भवरनाथ में रह रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ेंः बीटेक के बाद नहीं मिली नौकरी तो सोशल मीडिया पर फैलाई नफरत, साइबर क्राइम पुलिस ने चंदौली से दबोचा

शादी के बाद से ही पति-पत्नी में थी अनबन

इस पर टीम ने दबिश देकर अरविंद को बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान अरविंद ने बताया कि उसकी शादी 19 नवंबर 2009 को फूलपुर थाना अंतर्गत ताड़ी गांव निवासी शेषनाथ तिवारी की पुत्री प्रियंका से हुई थी। शादी के बाद से ही पत्नी से तालमेल नहीं बैठा। इस पर पत्नी ने दहेज उत्पीड़न सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। जिसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। 
पढ़ेंः जौनपुर में व्यवसायी की अपहरण के बाद हत्या, गुनाह छुपाने के लिए जलाया शव, मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार

पिता ने रचा षड्यंत्र, बेटे को कर दिया था संपत्ति से बेदखल

एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह के अनुसार पूछताछ के दौरान सामने आया कि न्यायालय और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से अरविंद उपाध्याय, उसके पिता लक्ष्मी उपाध्याय और मां राधिका देवी ने आपस योजना बनाई।
षड्यंत्र के तहत बेटे अरविंद को पिता ने पहले अपनी संपत्ति से बेदखल किया, जिससे कि न्यायालय द्वारा प्रियंका को मकान में रखने के संबंध में आदेश पारित किया था, ताकि प्रियंका को मकान में हिस्सा न देना पड़े। न्यायालय की बात को छिपाकर अरविंद के परिजनों ने कूटरचित दस्तावेज के आधार पर साल 2020 में बेनीपुर स्थित मकान को बेच दिया। इसके बाद अरविंद गायब हुआ और उसके पिता लक्ष्मी ने थाने में उसकी गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया। 

परिजन बार-बार पुलिस को देते रहे झूठी सूचनाएं

एडीसीपी ने बताया कि परिजन योजनाबद्ध तरीके से अरविंद को न्यायालय और पुलिस से छिपाते रहे और लगातार न्यायालय के समन व गैर जमानती वारंट की अवहेलना की। गुमशुदा की बरामदगी के प्रयास के क्रम में पुलिस के समक्ष भी सही तथ्य को बार-बार छिपाया एवं झूठी सूचना देते रहे। 
   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed