जौनपुर: सात दिन पहले टहलने निकले व्यवसायी की अपहरण के बाद हत्या, गुनाह छुपाने के लिए जलाया शव, मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार
पुलिस ने व्यापारी के अपहरण मामले में एक शख्स को पहले ही गिरफ्तार किया था। बुधवार तड़के रात तीन बजे पुलिस की मामले में अन्य आरोपियों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि जमीन हड़पने की नियत से व्यापारी की हत्या की गई थी।
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जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के खपरहा बाजार से छह दिन पहले घर से कुछ दूरी पर टहल रहे किराना व्यवसायी के अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपियों ने अपने गुनाह छुपाने के लिए उसके शव को जला दिया। लेकिन, इसकी खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि खुद को घिरता देख बदमाशों ने गोली चला दी, जो क्राइम ब्रांच के प्रभारी आदित्य त्यागी की जैकेट में लगी।
इसके बाद पुलिस ने भी गोली चलाई, जो एक बदमाश के पैर में लगी है, जिसकी पहचान दीपक सिंह के रूप में हुई है। वहीं, इस मामले में मौके से आरोपी राज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया है। जबकि इसी मामले में पूर्व में एक और आरोपी अमन सिंह गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, खपरहा बाजार के व्यवसायी अखिलेश जायसवाल(40) 30 दिसंबर की रात लगभग साढ़े आठ बजे रोज की तरह दुकान बंद कर अपने घर से टहलने निकले थे। दो घंटे तक इंतजार के बाद पत्नी अनामिका ने फोन लगाया तो बंद मिला। किसी अनहोनी की आशंका से घबराई वह आसपास के लोगों को सूचना देते हुए 112 डायल पर सूचित किया था। पुलिस टीम आई और छानबीन कर चली गई थी।
हालांकि अगले दिन सुबह घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे गिरी हुई उसकी टोपी मिली थी। इसके बाद पत्नी ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पति के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर छानबीन शुरू की थी। लेकिन, व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए शनिवार को अपहरण का मुकदमा कायम किया गया था।
छह दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर थे। इधर परिवार के लोग लगातार अनहोनी की आशंका से घबराए हुए थे। रविवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने परिजनों से भेंट कर दिलासा दिलाया और परिजनों के सामने ही एसओ संतोष राय को फोन कर घटना के संबंध में कड़े शब्दों में ताकीत दी थी।
मंगलवार को सपा के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव, विधायक लकी यादव व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव ने दोपहर बाद व्यवसायी के परिजनों से मिल कर ढांढस बंधाया। साथ ही जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी के लिए डीआईजी व एसपी से त्वरित कार्रवाई करने की बात कही थी।
जमीन हड़पने की नियत से दिया वारदात को अंजाम
एक जनवरी को पुलिस ने इस मामले में सिकरारा थाना क्षेत्र के भुआकला समसपुर गांव निवासी बृजेश सिंह उर्फ मुन्ना पुत्र रामाधार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में पता चला कि समसपुर भूआकला निवासी, बृजेश सिंह व दीपक सिंह द्वारा अखिलेश जायसवाल को उनके घर से 100 मीटर खपरहा बाजार के पास से अपहरण किया गया। इसमें गांव के ही राजकुमार सिंह उर्फ झुन्ना पुत्र रामाधार सिंह, दीपक सिंह उर्फ टीटू पुत्र स्वर्गीय देवी प्रसाद सिंह और अमन सिंह उर्फ छोटू पुत्र स्वर्गीय शिव सिंह की मदद से मकान व जमीन हड़पने की नियत से एक साथ होकर अपराधिक षड्यंत्र के तहत अखिलेश को मारापीटा गया। इससे अखिलेश जायसवाल गंभीर रूप से घायल होने के बाद बेहोश हो गया, जिसके बाद शव को अभियुक्त राजकुमार और अमन सिंह के सहयोग से हरीरामपुर घाट होते हुए नाव से खूंशापुर घाट पर ले गए। शव को खूंशापुर निवासी रिशु सिंह उर्फ मनोज सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के सहयोग से लकड़ी व पेट्रोल डालकर जला दिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस टीम ने पूर्व मे गिरफ्तार अमन सिंह की निशानदेही पर खुंशापुर घाट से जली हुई लकड़ियो, मृतक के शरीर के अवशेष और जला हुआ स्वेटर बरामद किया। बाकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई थी। इस दौरान बहदग्राम रीठी में सई नदी के पुल पर अभियुक्त दीपक सिंह उर्फ टीटू, राज कुमार सिंह को पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुके। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक गोली से स्वॉट टीम प्रभारी उप निरीक्षक आदेश त्यागी के बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी।
जवाब में पुलिस ने गोली चलाई तो एक बदमाश के पैर में लगी। वह घायल होकर गिर गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
बरामदगी-
- 2 तमंचा 315 बोर
- 4 कारतूस 315 बोर
- 1 खोखा कारतूस 315 बोर
- 1 मिस फायर कारतूस
- 1 मोटरसाइकिल।
- जली हुई लकड़ियां, एवं मृतक के शरीर के जले हुए अवशेष ( हड्डियां व बाल), जले स्वेटर के टुकड़े की बरामदगी।