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थानों में कबाड़ हो रहे सैकड़ों वाहन, अब जाएंगे घर

Sun, 24 Apr 2022 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 12:27 AM IST
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Hundreds of vehicles getting junk in police stations, now they will go home
कहीं सड़क हादसे के बाद चालक बाइक छोड़कर चला जाता है तो कहीं हादसे में शिकार व्यक्ति की जान चली जाने के बाद उसके परिवार वाले वाहन लेने तक नहीं आते हैं। साथ ही पुलिस मनमाने ढंग से खड़े वाहनों केे उठाकर थाने ले आती है, ताकि बाद में जब कोई लेने आएगा तो उसे चेतावनी दी जाएगी। कई लोग ऐसे होते हैं जो पुराना वाहन होने के कारण उसे लेने थाने जाते तक नहीं जाते हैं। ऐसे वाहन वर्षों से थानों में कबाड़ बने पड़े हैं। अब उनके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पुलिस प्रशासन ने इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिया है।
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पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि थान परिसर को साफ सुथरा रखने के लिए यह जरूरी है कि जो सीज वाहन हैं, उन्हें नियमानुसार नीलाम किया जाय, लेकिन कागज में कहीं लिखा पढ़ी नहीं मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में निस्तारण के दूसरे विकल्प बनाए जा रहे हैं। फिलहाल जिले के सभी थानों में कुल कितने वाहन खड़े हैं, कितने के बारे में पूरी जानकारी है, कितने के बारे में जानकारी एकत्र की जानी है, इसका लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। ज्ञात हो, जिले के कुल नौ थानों में एक अनुमान के अनुसार 800 से अधिक वाहन होंगे। पुलिस विभाग में जिले के सभी थानों में तैनात हेड मोहर्रिर को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वे एक लिस्ट तैयार करेंगे। उसमें सीज वाहन का नंबर, वाहन मालिक का नाम, किस मामले में कब से सीज है, इसकी जानकारी के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही और ऐसे कितने वाहन हैं, जिनके वाहन स्वामी का पता नहीं है, लिखा पढ़ी में उस वाहन का कोई जिक्र नहीं है, उसके चेचिस नंबर और इंजन नंबर एकत्र करने की जानकारी भी दी जा रही है। उसे परिवहन विभाग के कार्यालय से ट्रेस कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित वाहन मालिक के यहां पत्र भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार भारती का कहना है कि थानों में कई साल से पड़े वाहनों के निस्तारण की कोशिशें शुरू हो गई हैं। वाहनों की लिस्ट बनाकर उनके स्वामियों को पत्र भेजा जाएगा। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करके वे ले जाना चाहेंगे तो ले जा सकेंगे, अन्यथा नीलामी आदि की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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