Varanasi: काशी नगरी में पांच साल में बढ़ गए 100 मदिरालय, मीट की दुकानें हुईं दोगुनी
Varanasi News: साल 2023-2024 में 381 देसी शराब की दुकानें, 184 अंग्रेजी शराब की दुकानें, 164 बीयर की दुकानें, 13 मॉडल शॉप और 93 भांग की दुकानें संचालित हो रही हैं। धर्मस्थलों के पास भी सरकारी शराब के ठेके खुले हुए हैं।
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धर्मनगरी काशी में पांच साल में 100 से ज्यादा शराब की दुकानें बढ़ गईं। वहीं, पिछले पांच साल में मीट-मछली की पंजीकृत दुकानों की संख्या भी दोगुनी से ज्यादा हो गई। मीट और शराब की दुकानों को बढ़ाने की होड़ में स्कूल और मंदिरों से दूरी के कायदे कानून का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। यह तब है जब पिछले पांच वर्षों में सड़क चौड़ीकरण के दौरान 93 से ज्यादा धर्मस्थलों को मुख्य मार्गों से शिफ्ट किया गया।
आबकारी विभाग के अनुसार पांच वर्ष पूर्व 2018 में 308 देसी शराब की दुकानें, 167 अंग्रेजी शराब और 145 बीयर की दुकानें पंजीकृत थीं। मॉडल शॉप की संख्या छह-सात से अधिक नहीं थी। साल 2023-2024 में 381 देसी शराब की दुकानें, 184 अंग्रेजी शराब की दुकानें, 164 बीयर की दुकानें, 13 मॉडल शॉप और 93 भांग की दुकानें संचालित हो रही हैं। धर्मस्थलों के पास भी सरकारी शराब के ठेके खुले हुए हैं।
उधर, जिले में 900 मीट-मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं। सड़क से लेकर कॉलोनियों और गली, मोहल्ले तक में मांसाहारी व्यंजन के ठेले और दुकानें स्थायी और अस्थायी तौर पर लगाई जा रही हैं। इन दुकानों का कहीं कोई पंजीकरण भी नहीं है। अवैध तरीके से दुकान और ठेले लगाने वालों को गाहे बगाहे नगर निगम का प्रवर्तन दल अभियान चलाकर हटाता भी है।
कैंट स्टेशन के सामने बिकता है सबसे अधिक मांसाहारी व्यंजन
शहर में मांसाहारी व्यंजनों की सबसे अधिक दुकानें कैंट रेलवे स्टेशन के सामने विजयानगर मार्केट, परेड कोठी और इंग्लिशिया लाइन में लगती हैं। नाइट बाजार में भी इन दुकानों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा भेलूपुर के विजया चौराहे के पास रविंद्रपुरी मार्ग पर मांसाहारी व्यंजनों की दुकानें लगती हैं। लंका चौराहे के पास भी मांसाहारी दुकानों की संख्या इन दो वर्षों में दोगुनी हो गई है।
रिंगरोड पर धर्मस्थलों की अनदेखी
हरहुआ-गाजीपुर रिंग रोड पर धर्मस्थलों की अनदेखी करते हुए रेस्टोरेंट, ढाबा और मांसाहारी व्यंजनों की दुकानें संचालित हो रही हैं। धर्मस्थलों के पास मांस और मदिरा का सेवन किया जा रहा है। विरोध के बावजूद कहीं कोई सुनवाई नहीं है।
मंदिर और स्कूल के पास शराब की दुकानों को लेकर शिकायत नहीं मिली है। हम अपनी ओर से जांच भी करा रहे हैं। मानक के खिलाफ दुकान मिलने पर उनका आवंटन रद्द किया जाएगा। - ओमवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी
केस-1
चौकाघाट स्थित राम जानकी साढ़ा मंदिर के ठीक सामने देशी शराब और बीयर की अलग-अलग दुकानें हैं। मंदिर से चंद कदमों की दूरी पर ही भांग की दुकान चल रही है। इसी मंदिर के पास ही मीट-मछली की खुलेआम बिक्री की जा रही है।
केस-2
मंडुवाडीह-लहरतारा रोड पर स्थित डिवाइन सैनिक स्कूल के ठीक सामने देशी का शराब का ठेका है। यहां से छूटने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल से निकलने के बाद इसी के सामने से गुजरते हैं। कई बार शराबियों की हरकत से विवाद की स्थिति भी बनी रहती है।