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Varanasi News: अस्पतालों में इम्यूनोग्लोबिन वैक्सीन का स्टॉक नहीं, रोज 700 मरीजों को लग रही एआरवी

Tue, 18 Nov 2025 01:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Nov 2025 01:59 AM IST
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Hospitals are out of stock of immunoglobulin vaccine, 700 patients are getting ARV every day.
गंभीर मरीजों को लगाई जाती है वैक्सीन,
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। जिले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों व दूसरे जानवरों के काटने के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन ज्यादातर प्राथमिक, सामुदायिक और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में इम्यूनोग्लोबिन वैक्सीन ही नहीं है। केवल एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के सहारे इलाज चल रहा है। जिले के विभिन्न अस्पतालों से मिली जानकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने लाती है। रोज कहीं 10, कहीं 60 तो कही 200 मरीज कुत्तों के काटने के पहुंच रहे हैं।
जिले में प्रतिदिन 700 से अधिक मरीजों को एआरवी की डोज लगाई जा रही है। मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल समेत जिले के तमाम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ते, बिल्ली, बंदर और सियार समेत जंगली जानवरों के काटने से घायल मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें कुत्ते के काटने से घायलों की संख्या ज्यादा है। अस्पतालों में सभी को एआरवी लगवाई जा रही है। गंभीर मरीजों को लगने वाले वैक्सीन इम्यूनोग्लोबिन का स्टॉक नहीं है। मंडलीय अस्पताल में 10 वैक्सीन रखवाई गई है।
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क्या बोले एक्सपर्ट
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनीष कुमार यादव ने बताया कि गंभीर रूप से घायल मरीजाें को रेबीज से बचाने के लिए एआरवी के साथ इम्यूनोग्लोबिन वैक्सीन लगाई जाती है। मुख्य रूप से जब जानवर के काटने के बाद खून निकला हो। कभी-कभी कैंसर, एचआईवी या अन्य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को भी रैबीज से बचाने के लिए इम्यूनोग्लोबिन एआरवी के साथ ल गाया जाता है। इसका मुख्य काम एंटीबॉडी को बढ़ाना होता है।
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कुत्तों के काटने की वैक्सीन एआरवी अस्पतालों में पर्याप्त है। इम्यूनोग्लोबिन वैक्सीन अत्यंत गंभीर अवस्था में लगाई जाती है। इसका स्टॉक मंडलीय अस्पताल में उपलब्ध है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ।
कहां कितने आ रहे कुत्तों के काटने के मरीज
अस्पताल - मरीजों की संख्या (औसत में)
मंडलीय अस्पताल - 200
जिला अस्पताल - 100
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, रामनगर - 55
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रोहनिया - 40
शिवपुर सीएचसी - 10
काशी विद्यापीठ पीएचसी - 10
सीएचसी, सारनाथ - 30
पीएचसी, सेवापुरी - 60
पीएचसी बड़ागांव, बसनी - 55
पीएचसी गंगापुर - 10
सीएचसी जक्खिनी - 40
अन्य - 100
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