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अस्पताल में दलालों का जाल, सीएमएस ने चेताया
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 04 Jun 2016 02:00 AM IST
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सरकारी अस्पतालों में बिचौलिए चिकित्सकों की मिली भगत से मरीजों की जेब ढीली कर रहे हैं। दीन दयाल जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के निरीक्षण के दौरान आपरेशन थिएयर में बाहरी व्यक्ति के पाए जाने के बाद इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अक्षीधक ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर अस्पताल में दलालों को घूमते हुए पाया गया और इसके पीछे किसी की संलिप्तता की शिकायत मिली तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक गुरुवार को ट्रमा सेंटर के औचक निरीक्षण पर निकले थे। शुक्रवार को उन्होंने इस संबंध में जो रिपोर्ट जारी की, उससे हड़कंप मच गया है। सीएमएस ने सभी आकस्मिक चिकित्साधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि ट्रामा सेंटर के निरीक्षण के दौरान ओटी के अंदर एक बाहरी व्यक्ति आर्थो संबंधी इन्पाल्टेशन लेकर खड़ा था। निरीक्षण के दौरान वह बाहर चला गया।
पूछने पर पता चला कि सौरभ नामक उस व्यक्ति को आर्थो सर्जन का प्रश्रय प्राप्त है। वह ऊंचे दाम पर दवा और अन्य चिकित्सकीय वस्तुओं की बिक्री गरीब मरीजों को करता है। उन्होंने कहा है कि शासन की ओर से गरीबों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। ऐसे में इस तरह के कृत्य से शासन की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। पता चला है कि इस तरह के बाहरी व्यक्ति संगठित होकर अस्पताल में सक्रिय हैं और मरीजों की जेब ढीली कर रहे हैं। सीएमएस ने ताकीद की है कि अगर कोई दलाल अस्पताल परिसर में घूमते पाए गए और चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखी गई तो संबंधितों के विरुद्ध प्रथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक गुरुवार को ट्रमा सेंटर के औचक निरीक्षण पर निकले थे। शुक्रवार को उन्होंने इस संबंध में जो रिपोर्ट जारी की, उससे हड़कंप मच गया है। सीएमएस ने सभी आकस्मिक चिकित्साधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि ट्रामा सेंटर के निरीक्षण के दौरान ओटी के अंदर एक बाहरी व्यक्ति आर्थो संबंधी इन्पाल्टेशन लेकर खड़ा था। निरीक्षण के दौरान वह बाहर चला गया।
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पूछने पर पता चला कि सौरभ नामक उस व्यक्ति को आर्थो सर्जन का प्रश्रय प्राप्त है। वह ऊंचे दाम पर दवा और अन्य चिकित्सकीय वस्तुओं की बिक्री गरीब मरीजों को करता है। उन्होंने कहा है कि शासन की ओर से गरीबों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। ऐसे में इस तरह के कृत्य से शासन की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। पता चला है कि इस तरह के बाहरी व्यक्ति संगठित होकर अस्पताल में सक्रिय हैं और मरीजों की जेब ढीली कर रहे हैं। सीएमएस ने ताकीद की है कि अगर कोई दलाल अस्पताल परिसर में घूमते पाए गए और चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखी गई तो संबंधितों के विरुद्ध प्रथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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