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श्री काशी विश्वनाथ मंदिरः रंगभरी, चिताभस्म के बाद अब शिवभक्त बाबा के संग खेलेंगे इत्र की होली
Fri, 18 Mar 2022 02:39 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 18 Mar 2022 02:39 AM IST
सार
काशी विश्वनाथ के भक्त ढोलक, झाल और मंजीरे पर ऊं नम: शिवाय पंचाक्षरी मंत्र का जाप करते हुए हम अपने आराध्य देवाधिदेव महादेव के दरबार में पहुंचेंगे।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज राजेश्वर त्रिपुरारी की नगरी काशी में होली का अंदाज भी निराला है। रंगभरी, चिताभस्म के बाद अब शिवभक्त बाबा के संग होली के दिन इत्र वाली होली खेलेंगे। पिछले 20 सालों से चली आ रही इत्र वाली होली की परंपरा इस बार भी होली पर निभाई जाएगी।
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शहर भर के मोहल्लों से पहुंचे शिवभक्त गंगा घाट से बाबा दरबार तक पंचाक्षरी मंत्र का जाप करते हुए पहुंचेंगे और बाबा के संग इत्र की होली खेलेंगे। शिवाराधना समिति के मृदुल मिश्र ने बताया कि इत्र की होली की परंपरा का निर्वहन पिछले 20 सालों से किया जा रहा है।
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काशीपुरा, जगतगंज, पिपलानी कटरा, नाटी इमली और लक्सा आदि क्षेत्रों से लोग अहिल्याबाई घाट पर एकत्र होंगे। वहां से ढोलक, झाल और मंजीरे पर ऊं नम: शिवाय पंचाक्षरी मंत्र का जाप करते हुए हम अपने आराध्य देवाधिदेव महादेव के दरबार में पहुंचेंगे।
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बाबा के साथ हम लोग विभिन्न प्रकार के इत्रों के संग होली खेलते हैं। पूरा परिसर इत्र की खुशबू से महक उठता है। बाबा के साथ इत्र की होली खेलने के बाद मंदिर के अर्चक, सेवादार और शिवभक्तों के संग होली खेली जाती है।