Varanasi News: कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद घर पहुंचे हॉकी खिलाड़ी ललित, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद पहली बार बनारस पहुंचे ललित ने बताया कि ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद कॉमनवेल्थ में पदक जीतने का मौका मिला जो बाबा के नाम समर्पित है।
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बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम में सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय रविवार को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान परिवार वालों के साथ ही काशी वासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। टर्मिनल भवन से बाहर आते ही प्रशंसकों ने भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे के साथ उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया।
इससे बाद ललित उपाध्याय एयरपोर्ट से यूपी कॉलेज परिसर स्थित राजर्षि उदय प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। यहां पर माल्यार्पण करने के बाद शिवपुर स्थित अपने घर पहुंचे। घर पहुंचने पर बातचीत के दौरान उन्होंने युवाओं को सफलता के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि हमें ये नहीं सोचना चाहिए की हमारे पास कुछ नहीं है।
अगली बार गोल्ड मेडल जरूर आएगा।
कुछ नहीं होने से कुछ पाने तक की यात्रा ही संघर्ष है और इसी संघर्ष के दम पर कामयाबी मिलती है। ललित उपाध्याय ने कहा कि हमें मेहनत व लगन से अपने काम पर ध्यान देना चाहिए इससे मंजिल जरूर मिलेगी। वहीं गोल्ड मेडल के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सिल्वर मेडल से संतुष्ट नहीं है, लेकिन नहीं कुछ भला होता है।
टीम ने अपना बेहतर प्रदर्शन किया हम और मेहनत करेंगे। अगली बार गोल्ड मेडल जरूर आएगा। एयरपोर्ट पर उनके आगमन से पहले हॉकी कोच परमानंद मिश्रा, सतीश उपाध्याय, विपिन सिंह, लक्ष्मी शंकर यादव, अमित, सुनील सेठ, जगदीश सजदा आदि मौजूद रहे।
कांस्य पदक विजेका विजय यादव का आगमन कल
ललित के बाद 15 अगस्त को जूडो खिलाड़ी विजय यादव भी पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद बनारस आएंगे। कैंट स्टेशन पर बेगमपुरा ट्रेन से आएंगे।
लखनऊ से फोन पर बातचीत के दौरान विजय ने बताया कि अपने खेल करयिर में पहली बार कॉमनवेल्थ में पदक जीतने का मौका, जो मेरे लिए सौभाग्य की बात है। ट्रेन से उतने के बाद सीधे बाबा धाम जाउंगा जहां अपने पदक को बाबा के दरबार में सर्मित करूंगा।