UP: हिस्ट्रीशीटर ने कचहरी में मांगी 1 लाख की रंगदारी, गया था समर्पण करने; दर्ज हुआ 35वां केस; जानें पूरा मामला
Varanasi News : इस मामले में कैंट पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर कचहरी में गैर जमानती वारंट निरस्त करवाने पहुंचा था। इससे पहले उसकी मुलाकात पांडेयपुर निवासी अरविंद सिंह से हो गई।
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अदालत में समर्पण करने गए कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर खजुरी निवासी अभिषेक सिंह उर्फ हनी ने शुक्रवार को एक व्यक्ति से कचहरी में एक लाख रुपये की रंगदारी मांग ली। रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित की तहरीर पर अभिषेक सिंह उर्फ हनी के खिलाफ कैंट थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ 35वां मुकदमा दर्ज हुआ है। उसे शुक्रवार को ही अदालत ने जेल भेजा था। वह गैर जमानती वारंट निरस्त कराने अदालत गया था।
नई बस्ती पांडेयपुर निवासी अरविंद सिंह ने पुलिस को बताया कि वह शुक्रवार को अपने एक मुकदमे की पेशी के लिए कचहरी गए थे। इसी दौरान अभिषेक सिंह उर्फ हनी कचहरी परिसर में आया और उनको देखते ही गालीगलौज करने लगा। साथ ही उसने एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
अभिषेक ने कहा कि रंगदारी न देने पर वह उन्हें जान से मार देगा। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट राजकुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
टॉप-10 बदमाश पर दर्ज हैं 35 मुकदमे
अभिषेक सिंह उर्फ हनी कमिश्नरेट के टॉप-10 बदमाशों में शामिल है। पुलिस डोजियर के अनुसार रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात रहे हनी के खिलाफ 35 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ आखिरी मुकदमा गैंगस्टर एक्ट के तहत वर्ष 2021 में जैतपुरा थाने में दर्ज किया गया था।
21 दिसंबर 2024 को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) की अदालत ने हनी सहित आठ आरोपियों को वर्ष 2011 के कैंट थाने के दोहरे हत्याकांड से दोषमुक्त किया था। रंगदारी के एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने पर शुक्रवार को वह अदालत में समर्पण करने गया था। उसने अदालत में वारंट निरस्तीकरण प्रार्थना पत्र दिया था। मगर, अदालत ने उसका प्रार्थना पत्र खारिज कर उसे जेल भेज दिया था।