त्योहार: वैशाख में होगी श्रीहरि की आराधना, पड़ेंगे 19 पर्व-त्योहार; 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया
वैशाख में भगवान विष्णु की विशेष आराधना होती है। यह महीने हिन्दू धर्म के लोगों के लिए कई मायनों में आस्था का प्रतीक भी माना जाता है। इस माह में किए गए पूजन-अर्चन काे पुण्यदायक बताया गया है।
विस्तार
हिंदू पंचांग का दूसरा महीना वैशाख आरंभ हो चुका है। भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद खास माने जाने वाले वैशाख महीने का संबंध विशाखा नक्षत्र से है। 13 अप्रैल से शुरू हुए वैशाख माह का समापन 12 मई को होगा।
इसी महीने में भगवान परशुराम और भगवान बुद्ध का भी जन्म हुआ था। इस महीने में वरुथिनी एकादशी, अक्षय तृतीया, सीता नवमी और नृसिंह जयंती समेत 19 पर्व और त्योहार मनाए जाएंगे।
वैशाख में भगवान विष्णु की आराधना विशेष फलदायी होती है। भगवान बुद्ध और भगवान परशुराम का जन्म होने के कारण यह महीने धर्म, करुणा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
काशी में अक्षय तृतीया पर चक्रपुष्करणी तीर्थ में स्नान का विधान है। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि जिस प्रकार सतयुग को सबसे पवित्र युग, वेदों को समस्त ज्ञान का मूल और गंगा को समस्त नदियों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, उसी तरह वैशाख को महीनों में सबसे पुण्यदायक माना गया है।
वैशाख में सूर्योदय के समय गंगाजल से स्नान करने, तुलसी के पास दीपक जलाने से कई जन्मों के पाप भी नष्ट हो सकते हैं। वैशाख माह में सुबह-सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। तुलसी के पौधे और पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए।
प्रमुख पर्व और त्योहार
14 अप्रैल को मेष संक्रांति, 21 को कालाष्टमी, 25 को प्रदोष व्रत, 29 को परशुराम जयंती, 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया, 3 मई को गंगा सप्तमी, 6 को सीता नवमी, 11 को नृसिंह जयंती और 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा