फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Hindu became troubled by father's antics

पिता की हरकतों से परेशान होकर बन गई हिंदू, अब भी कम नहीं मुसीबतें

Fri, 18 Sep 2020 01:06 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 18 Sep 2020 01:06 AM IST
विज्ञापन
Hindu became troubled by father's antics
धर्म परिवर्तन

जिस उम्र में पिता की रहनुमाई सबसे ज्यादा जरूरी होती है, उस उम्र में वह पिता की ही गंदी नजरों का शिकार बन गई। अब्बा से अपनी आबरू बचाने के लिए मकान की छत से कूदना पड़ा। घर में ही खतरे में पड़ी अस्मत को बचाने की खातिर आजिज आकर इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया। दिल्ली से लेकर अहमदाबाद तक अकेले जिंदगी के झंझावातों ने तमाम अनुभवों के बीच रीढ़ की हड्डी की टीबी जैसी गंभीर बीमारी की सौगात भी दे दी। अब पिछले छह महीने से बीमारी के बेहतर इलाज की आस में बिस्तर पर पड़ी है। 

विज्ञापन


मामला शासन तक पहुंचा तो जिला प्रशासन ने इलाज के लिए स्वास्थ्य महकमे को निर्देशित किया। यह कहानी है भदोही जिले के घोसिया नगर की रहने वाली युवती के संघर्षों की, जो अपने ही घर में दरिंदगी का शिकार हो गई। बात 2012 की है, जब वह 13 साल की थी, उसकी मां का इंतकाल हो गया।
विज्ञापन


इसके बाद 2013 में पिता ने उसकी मौसी से दूसरा निकाह कर लिया। मौसी गर्भवती होने के बाद कुछ महीनों के लिए मायके चली गई तो पिता की गंदी नजरें अपनी ही बेटी पर पड़ गईं। गुरुवार को अमर उजाला से बातचीत में युवती ने बताया कि वह अक्सर उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। एक दिन पिता की हैवानियत इतनी बढ़ गई कि आबरू बचाने के लिए वह छत से कूद गई। इससे वह घायल हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह बात आसपास के लोगों को पता चली तो लोगों ने हवसी बाप की मजम्मत भी की। इससे नाराज बाप ने मारपीट कर बेटी को घर से निकाल दिया। बाद में साथ पढ़ने वाले एक छात्र की मदद से अहमदाबाद में रहने वाले उसके दोस्त के पास चली गई। वहां नौकरी दिलवाने के लिए उसने युवती की मदद की। बाप के व्यवहार से क्षुब्ध होकर उसने अपना धर्म परिवर्तित कर लिया।
 

बताया कि इसके लिए हरिद्वार में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उसने हिंदू धर्म ग्रहण किया और अपना नाम भी बदल दिया। 2020 अप्रैल में दिल्ली से कानपुर आते समय मैनपुरी के पास बस पलट गई। इससे छत से कूदते समय लगी चोट फिर उभर गई और वह बीमार हो गई। इस बीच इलाज के दौरान पता चला कि वह बोन टीबी से ग्रसित हो गई है।

सात बरस बाद गत अप्रैल में लॉकडाउन के दौरान वह यहां अपने घर आई। मगर बाप उसे रखने को तैयार न हुआ। घरवालों को जब पता चला कि उसने अपना धर्म परिवर्तित कर लिया है तो वे और खफा हो गए। लड़की का आरोप है कि उसके बाप ने दो बार उसे घर से निकाल कर बाहर कर दिया। जबकि वह शरीर से इतनी अक्षम है कि कुछ नहीं कर सकती।

औराई क्षेत्र के सेउर गांव निवासी नितेश चौबे को जब यह बात पता चली तो उन्होंने उसे घर में रखवाया और भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही उसकी बीमारी की जानकारी ट्वीट के जरिए शासन तक पहुंचाई। जिला प्रशासन ने समुचित इलाज की व्यवस्था करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि लड़की के इलाज के लिए सीएमओ को निर्देश दिया गया है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के लिए भी पुलिस को ताकीद किया गया है।

सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात, बीमारी का इलाज स्थानीय स्तर पर नहीं

बाप पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात हो गई है। गुरुवार को औराई थाने के दो सिपाहियों को लड़की के घर पर तैनात कर दिया गया। साथ ही औराई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम इलाज के लिए लगाई गई है।

सीएचसी प्रभारी डॉ. अशफाक ने कहा कि युवती की रीढ़ की हड्डी डैमेज हो गई है। उसे ऐसी समस्या है, जिसका इलाज पूरे मंडल में नहीं है। केवल पीजीआई में है। इलाज की पूरी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी है। आगे जैसा निर्देश होगा, किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed