{"_id":"7c27c82566cda09f0624f0933e20847a","slug":"high-court-for-the-right-to-worship-the-temple-abbot-mahant-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर में पूजा-आरती के हक के लिए हाईकोर्ट गए महंत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर में पूजा-आरती के हक के लिए हाईकोर्ट गए महंत
ब्यूरो, वाराणसी अमर उजाला
Updated Sat, 02 Jan 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिग्रहण के 32 साल बाद काशी विश्वनाथ मंदिर पर महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने पूजा-अर्चना का हक जताते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
विज्ञापन
इस याचिका में महंत की ओर से कहा गया है कि काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम के तहत सरकार को सिर्फ मंदिर का प्रबंध देखने का अधिकार है, पूजा-पाठ का नहीं।
मंदिर में पूजा-आरती के साथ ही पुजारियों की नियुक्ति करने का अधिकार महंत का होता है और उन्हें यह हक मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार ने 1983 में विश्वनाथ मंदिर का अधिग्रहण किया था।
विज्ञापन
बहरहाल, न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की दो सदस्यीय खंडपीठ ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार समेत चार अन्य विभागों को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी। महंत की ओर से दाखिल याचिका संख्या-सी/64978/2015 में विश्वनाथ मंदिर की सरकारी व्यवस्था पर अंगुली उठाई गई है।
कहा गया है कि सरकारीकरण के बाद मंदिर की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। मंदिर में पूजा-आरती का अधिकार हमेशा से महंत का रहा है और योग्य पुजारियों की नियुक्ति का भी दायित्व महंत का ही है,
लेकिन अधिग्रहण के बाद यह अधिकार उनसे छीन लिया गया और व्यवस्था के नाम पर अफसरों ने मनमानी शुरू कर दी है।
महंत ने इस संबंध में पुरानी परंपराओं का हवाला दिया है। पूजा-आरती का अधिकार देने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने राज्य सरकार के अलावा प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य), प्रमुख सचिव (वित्त), मंडलायुक्त/कार्यपालक समिति के सभापति के अलावा न्यास परिषद को नोटिस जारी किया है।
जवाब दाखिल करने के लिए धर्मार्थ कार्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उधर, हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कराने के लिए शासन ने मंदिर प्रशासन से रिकॉर्ड मंगा लिए हैं।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पारस नाथ द्विवेदी मंदिर के अधिग्रहण के दौरान बने अधिनियम के अलावा न्यास और कार्यपालक समिति की व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज लेकर लखनऊ पहुंच गए हैं।
एसीईओ के साथ धर्मार्थ कार्य विभाग के अलावा वित्त विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस बीच न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने महंत डॉ. कुलपति तिवारी से संपर्क साधा है।
फिलहाल महंत को इस मसले पर मनाने की भी कोशिशें की जा रही हैं। महंत ने स्वीकार किया न्यास अध्यक्ष ने उन्हें फोन पर बुलाया था हालांकि न्यास अध्यक्ष ने इससे इनकार किया है।