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गांजा तस्करी गिरोह का सरगना गिरफ्तार
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जौनपुर समेत पूर्वांचल में जरूरी
फोटो---------
गांजा तस्करी गिरोह का सरगना गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ से दबोचा गया, जौनपुर के सतहरिया का रहने वाला है आरोपी अजय
डीआरआई का दावा, पूर्वांचल सहित अन्य राज्यों में करता था गांजे की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। पूर्वांचल सहित अन्य राज्यों में गांजे की सप्लाई करने वाले तस्कर अजय सिंह पप्पू को डीआरआई वाराणसी की टीम ने छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर से गिरफ्तार किया। बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। डीआरआई टीम सालभर से तस्करी गिरोह के सरगना की तलाश में थी।
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार जौनपुर के सतहरिया निवासी अजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह गांजा तस्करी गिरोह का सरगना है। जनवरी 2021 में 40 क्विंटल और 16 क्विंटल गांजे की खेप पकड़ी गई थी। उसमें इसका नाम सरगना के रूप में सामने आया था। उस दौरान गिरफ्तार चार आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद डीआरआई की टीम उसकी तलाश में थी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में टीम ने उसे गिरफ्तार किया।
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार अजय सिंह पप्पू पूर्वांचल का सबसे बड़ा गांजा तस्कर है। वर्ष 2010 में सिविल लाइंस प्रयागराज में गांजे की तस्करी में पकड़ा गया था। लगभग एक साल जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा होकर बाहर आया और फिर से गांजे की तस्करी में लिप्त हो गया। गांजा तस्करी के कई केस में उसका नाम आया, लेकिन वह बचता आ रहा था।
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कोर्ट ने जारी किया था गैर जमानती वारंट
गांजा तस्करी के सरगना अजय सिंह के खिलाफ कोर्ट ने भी गैर जमानती वारंट जारी किया था लेकिन पुलिस उसे खोज नहीं पा रही थी। लंबे समय तक वह कभी बिहार तो कभी उड़ीसा में अपना ठिकाना बनाए रखा था। इधर, कई माह से छत्तीसगढ़ के रायपुर में रह रहा था।
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बलिया और मिर्जापुर के भी तस्कर भेजे जा चुके हैं जेल
डीआरआई अधिकारियों का दावा है कि गांजा तस्करी प्रकरण में कार्रवाई लगातार जारी है। बलिया के रहने वाले तस्कर रामप्रवेश यादव को दिसंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य मामले में मिर्जापुर के रहने वाले विनोद कुमार पांडेय को भी पिछले माह ही दबोचा गया, जो अक्तूबर 2019 में जब्त किए गए 12 क्ंिवटल गांजा के मुकदमे में फरार था। वर्ष 2003 में डीआरआई वाराणसी द्वारा जब्त किए गए चार किलो मार्फिन के केस में फरार बिहार निवासी दो आरोपियों अजय कुमार व अनिल कश्यप को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया गया।
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जौनपुर समेत पूर्वांचल में जरूरी
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गांजा तस्करी गिरोह का सरगना गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ से दबोचा गया, जौनपुर के सतहरिया का रहने वाला है आरोपी अजय
डीआरआई का दावा, पूर्वांचल सहित अन्य राज्यों में करता था गांजे की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। पूर्वांचल सहित अन्य राज्यों में गांजे की सप्लाई करने वाले तस्कर अजय सिंह पप्पू को डीआरआई वाराणसी की टीम ने छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर से गिरफ्तार किया। बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। डीआरआई टीम सालभर से तस्करी गिरोह के सरगना की तलाश में थी।
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार जौनपुर के सतहरिया निवासी अजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह गांजा तस्करी गिरोह का सरगना है। जनवरी 2021 में 40 क्विंटल और 16 क्विंटल गांजे की खेप पकड़ी गई थी। उसमें इसका नाम सरगना के रूप में सामने आया था। उस दौरान गिरफ्तार चार आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद डीआरआई की टीम उसकी तलाश में थी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में टीम ने उसे गिरफ्तार किया।
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डीआरआई अधिकारियों के अनुसार अजय सिंह पप्पू पूर्वांचल का सबसे बड़ा गांजा तस्कर है। वर्ष 2010 में सिविल लाइंस प्रयागराज में गांजे की तस्करी में पकड़ा गया था। लगभग एक साल जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा होकर बाहर आया और फिर से गांजे की तस्करी में लिप्त हो गया। गांजा तस्करी के कई केस में उसका नाम आया, लेकिन वह बचता आ रहा था।
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कोर्ट ने जारी किया था गैर जमानती वारंट
गांजा तस्करी के सरगना अजय सिंह के खिलाफ कोर्ट ने भी गैर जमानती वारंट जारी किया था लेकिन पुलिस उसे खोज नहीं पा रही थी। लंबे समय तक वह कभी बिहार तो कभी उड़ीसा में अपना ठिकाना बनाए रखा था। इधर, कई माह से छत्तीसगढ़ के रायपुर में रह रहा था।
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बलिया और मिर्जापुर के भी तस्कर भेजे जा चुके हैं जेल
डीआरआई अधिकारियों का दावा है कि गांजा तस्करी प्रकरण में कार्रवाई लगातार जारी है। बलिया के रहने वाले तस्कर रामप्रवेश यादव को दिसंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य मामले में मिर्जापुर के रहने वाले विनोद कुमार पांडेय को भी पिछले माह ही दबोचा गया, जो अक्तूबर 2019 में जब्त किए गए 12 क्ंिवटल गांजा के मुकदमे में फरार था। वर्ष 2003 में डीआरआई वाराणसी द्वारा जब्त किए गए चार किलो मार्फिन के केस में फरार बिहार निवासी दो आरोपियों अजय कुमार व अनिल कश्यप को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया गया।