पूर्वांचल में तेज आंधी-बारिश ने जमकर मचाई तबाही, बिजली के पोल और पेड़ गिरे, चार लोगों की गई जान तो कई घायल
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आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों में रविवार रात आंधी-बारिश ने तबाही मचाई। इससे हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, तो सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। टिनशेड उड़ गए। झोपड़ियां गिर गईं। सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आम और सब्जी के साथ गेहूं को भी नुकसान पहुंचा।
मौसम विज्ञानी एसएन पांडेय के अनुसार, पूर्वांचल के जिलों में मंगलवार तक जगह-जगह तेज हवा के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं। वाराणसी मंडल के वाराणसी, जौनपुर और गाजीपुर में काफी नुकसान हुआ। आंधी-बारिश से जगह-जगह पेड़ और बिजली पोल गिर गए। इससे बिजली गुल हो गई। दुकानों के छाजन उड़ गए।
जगह-जगह यातायात भी बाधित हुआ। सुबह पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। जौनपुर में टिन शेड और छप्पर गिरने से गौराबादशाहपुर में विद्यासागर और मीरगंज की उर्मिला देवी की मौत हो गई। चंदौली के नियामताबाद में राइस मिल की चिमनी मेन लाइन पर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
चंदौली कोतवाली में पेड़ गिरने से पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। विंध्याचल मंडल के भदोही में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कोइरौना थानाक्षेत्र के चंदापुर गांव में आम बीनते समय पेड़ की डाल गिरने से दबकर प्रेम चौबे (70) की मौत हो गई।
पेड़ों के उखड़कर सड़क पर गिर जाने से कई स्थानों पर यातायात घंटों बाधित रहा। बिजली तार और पोल टूट कर गिर गए। इसके चलते 17 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। मिर्जापुर में पम्प कैनाल नरायनपुर कालोनी में सोमवार सुबह पांच बजे आंधी से टूटकर कर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से बेलदार शिवपूजन मिश्रा (55) की मौत हो गई।
सोनभद्र में घोरावल ब्लॉक के करीब 150 गांवों में रविवार की रात से ठप हुई बिजली आपूर्ति सोमवार की सुबह बहाल हुई। मिर्जापुर में भी कई जगह पेड़ गिर गए। बिजली के तार टूटने से आपूर्ति प्रभावित रही। आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, बलिया और मऊ में रविवार की देर रात आंधी बारिश से काफी नुकसान हुआ।
जगह-जगह पेड़ और पेड़ों की डालियां टूट कर गिर पड़ीं। टिनशेड उड़ गए। कई जगह पेड़ बिजली के तारों पर गिरने से बिजली गुल हो गई। आम और हरी सब्जी को भारी नुकसान हुआ। भट्ठों पर हाल में पाथी गई कच्ची ईंट मिट्टी के ढेर में बदल गई।