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Varanasi News: ज्ञानवापी से जुड़े प्राचीन मामले की सुनवाई 10 फरवरी को

Thu, 29 Jan 2026 01:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:22 AM IST
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Hearing on the ancient case related to Gyanvapi on February 10
वाराणसी। सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) की अदालत में बुधवार को ज्ञानवापी से जुड़े प्राचीन मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तिथि नियत की है। कार्य क्षेत्र में बदलाव के बाद अब इस अदालत में न्यायिक अधिकारी सुरभि अग्रवाल कार्यभार संभालेंगी। इस मामले में प्रतिवादी उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अग्रिम सुनवाई पर रोक लगाने की अर्जी दी गई।
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अर्जी में दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय की याचिका पर प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के तहत सभी विवादित मामलों की अग्रिम सुनवाई पर रोक लगा रखी है, इसलिए इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकती। वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई विशेष आदेश नहीं दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि हाईकोर्ट पहले ही छह माह के भीतर मुकदमे के निस्तारण का आदेश दे चुका है, जिसके तहत त्वरित सुनवाई चल रही है।
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उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला जज की अदालत ने भी सील वजूखाने के ताले पर कपड़ा बदलने से जुड़े मामले में प्रशासन की अर्जी पर सुनवाई से इन्कार कर दिया था। यह मामला ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर निर्माण और हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार देने से जुड़े 1991 में दायर मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र से संबंधित है, जिस पर सुनवाई जारी है।
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