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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में कथित शिवलिंग के मामले में सुनवाई टली, अगली तारीख 13 अक्तूबर की मिली
Wed, 12 Oct 2022 02:34 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Wed, 12 Oct 2022 02:34 PM IST
सार
ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग की पूजा-पाठ की मांग के अधिकार मामले पर आज की सुनवाई टल गई है। अब अगली तारीख 13 अक्तूबर की मिली है।
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Gyanvapi controversy
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिमों के प्रवेश को रोकने संबंधी वाद पर सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट में आज सुनवाई टल गई है। सुनवाई की अगली तारीख 13 अक्तूबर की मिली है। मामले में किरन सिंह की तरफ से दाखिल वाद पर मंगलवार को सुनवाई हुई थी। मुस्लिम पक्ष ने इस आवेदन के विरोध में अपना पक्ष रखना शुरू किया, जिसको जारी रखते हुए अदालत ने सुनवाई की तिथि बुधवार को नियत कर दी थी। लेकिन आज सुनवाई नहीं हो पाई।
अंजुमन इंतेजामिया ने अपनी दलील में क्या कहा ?
अंजुमन इंतेजामिया ने अपनी दलील में कहा कि वाद में मस्जिद हटाने, मुस्लिमों का प्रवेश रोकने की बात और जमीन देने की बात कही गई है, जबकि 1669 में ही मस्जिद बनने की बात हिंदू पक्ष ही कह रहा है, जो लगभग 350 वर्ष पुरानी है। ऐसे में आजादी के समय जो स्थिति थी, वैसी ही रहेगी। यहां विशेष धर्म स्थल कानून लागू होगा और कंस्ट्रक्शन हटाकर देने की मांग संबंधी वाद खारिज होने योग्य है और वाद पोषणीय नहीं है। अदालत में वादी पक्ष की तरफ से वाद में उठाये गए शुरुआती 55 पैरे को अंजुमन की तरफ से क्रमवार दलील पेश की गई।
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अंजुमन इंतेजामिया ने अपनी दलील में क्या कहा ?
अंजुमन इंतेजामिया ने अपनी दलील में कहा कि वाद में मस्जिद हटाने, मुस्लिमों का प्रवेश रोकने की बात और जमीन देने की बात कही गई है, जबकि 1669 में ही मस्जिद बनने की बात हिंदू पक्ष ही कह रहा है, जो लगभग 350 वर्ष पुरानी है। ऐसे में आजादी के समय जो स्थिति थी, वैसी ही रहेगी। यहां विशेष धर्म स्थल कानून लागू होगा और कंस्ट्रक्शन हटाकर देने की मांग संबंधी वाद खारिज होने योग्य है और वाद पोषणीय नहीं है। अदालत में वादी पक्ष की तरफ से वाद में उठाये गए शुरुआती 55 पैरे को अंजुमन की तरफ से क्रमवार दलील पेश की गई।
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