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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Hearing in court today on darshan of Shringar Gauri and protection of deities at Gyanvapi

Gyanvapi Case: श्रृंगार गौरी के दर्शन मामले में सुनवाई शुरू, जिला जज की अदालत में मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता रख रहे दलील

Mon, 04 Jul 2022 02:31 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी 
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी  Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 04 Jul 2022 02:31 PM IST
सार

श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन और अन्य देव विग्रहों को संरक्षित करने को लेकर अदालत में आज दोपहर दो बजे सुनवाई शुरू हो गई है। 

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Hearing in court today on darshan of Shringar Gauri and protection of deities at Gyanvapi
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी  के नियमित दर्शन और अन्य देव विग्रहों को संरक्षित करने के लिए राखी सिंह समेत पांच महिलाओं की तरफ से दाखिल वाद पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में ग्रीष्मावकाश के बाद आज से सुनवाई शुरू हो गई है। अदालत में सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर ऑर्डर 7 रूल 11 के  तहत वाद सुनवाई योग्य है या नहीं पर बहस हो रही है। इधर, हिंदू पक्षकारो में से एक राखी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु जैन को हटा दिया है। मानबहादुर सिंह, शिवम गौड़ और अनुपम द्विवेदी केस लड़ेंगे। राखी सिंह की ओर से कोर्ट में वकालत नामा दाखिल कर दिया गया है। 

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ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से सोमवार को दलीलें दी जा रही हैं। इससे पहले भी मसाजिद कमेटी के अधिवक्ताओं ने दलील दी थी कि विशेष धर्म उपासना स्थल विधेयक 1991 यहां लागू होगा, जिसमें आजादी के समय धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, वही रहेगी। जबकि हिंदू पक्ष की दलील है कि यहां विशेष धार्मिक उपासना स्थल काननू लागू नहीं होगा, क्योंकि यहां आजादी के बाद भी श्रृंगार गौरी की पूजा होती थी।
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अंजुमन इंतजामिया के अधिवक्ता अभय नाथ यादव वाद की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए आपत्ति में दर्शाए गए 52 में से 39 बिंदुओं पर अपनी दलीलें पेश कर चुके हैं। उनकी दलील अभी जारी हैं और सोमवार को होने वाली सुनवाई में भी अपनी दलीलें आगे बढ़ाएंगे।

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10 लोगों ने पक्षकार बनाये जाने का किया अनुरोध

Hearing in court today on darshan of Shringar Gauri and protection of deities at Gyanvapi
ज्ञानवापी मामले की आज सुनवाई - फोटो : अमर उजाला

इस मामले में जारी सुनवाई के बीच काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी, काशी विश्वनाथ मंदिर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी समेत लगभग 10 लोगों ने ऑर्डर 1 रूल 10 के तहत पक्षकार बनाये जाने का अनुरोध किया है।

जिला जज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहले प्राथमिकता के आधार पर पांच महिला वादकारियों की तरफ से दाखिल वाद की पोषणीयता पर सुनवाई करेंगे फिर अन्य प्रार्थनापत्रों का निस्तारण करेंगे। इसी अदालत में ज्ञानवापी सर्वे की वीडियोग्राफी अदालत की रोक के बावजूद लीक हो जाने पर सीबीआई जांच संबंधी वादिनी राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन के प्रार्थनापत्र पर भी सुनवाई होनी है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी होगी सुनवाई

सिविल जज फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की भी अदालत में जितेंद्र सिंह की पत्नी किरन सिंह की तरफ से दाखिल वाद पर भी सुनवाई होनी है। इसमे सर्वे के दौरान वजू स्थल के पास मिले शिवलिंग और देव विग्रहों के पूजा दर्शन राग भोग की अनुमति मांगी गई है।

ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर पर सावन में जल चढ़ाने की मिले अनुमति

काशी धर्म परिषद ने सावन में ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग पर जल चढ़ाने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही कहा है कि सावन में काशी विश्वनाथ परिसर में पवित्रता का सिद्धांत लागू किया जाए। रविवार को लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित धर्म परिषद की बैठक में देश के वर्तमान हालात पर चर्चा हुई। 

बैठक की अध्यक्षता कर रहे महंत बालक दास ने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत करने और लोक व्यवस्था को भंग करने वालों पर देश भर में मुकदमे दर्ज होने चाहिए। इसके लिए धर्म परिषद भी सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेगी। कहा कि उदयपुर और अमरावती की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इससे संत समाज में नाराजगी है। हत्या के लिए उकसाने वालों को भी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान आठ प्रस्ताव पारित किए गए। 

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