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Varanasi: ज्ञानवापी के वजूखाने का एएसआई सर्वे कराने की मांग पर सुनवाई पूरी, 21 अक्तूबर को आएगा आदेश

Fri, 20 Oct 2023 10:12 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 20 Oct 2023 10:12 AM IST
सार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने का एएसआई से सर्वे कराने की अर्जी पर 21 अक्तूबर को आदेश आएगा। गुरुवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है। 

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Hearing completed on demand for ASI survey of Gyanvapi Waju khana order will come on 31 October
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने (शिवलिंग जैसी आकृति को छोड़ कर) के एएसआई सर्वे को लेकर जिला जज की अदालत में चल रही सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली सुरक्षित रखते हुए आदेश के लिए 21 अक्तूबर की तिथि नियत कर दी।

हिंदू पक्षकार राखी सिंह का पक्ष अधिवक्ता सौरभ तिवारी, मानबहादुर सिंह और अनुपम द्विवेदी ने रखा। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2022 के आदेश में शिवलिंग क्षेत्र अर्थात वजूखाना को केवल सुरक्षित व संरक्षित रखने का आदेश दिया है।
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सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कहीं भी उक्त आदेश में वजूखाने क्षेत्र को सील करने की बात नहीं कही गई है। जिला प्रशासन द्वारा उक्त जगह को सील किया गया है। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गत चार अगस्त के फैसले में एएसआई को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बगैर वह ज्ञानवापी का वैज्ञानिक सर्वे करे।
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ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी परिसर में व्यासजी के तहखाना प्रकरण में आ गया कोर्ट का आदेश, जिला जज ही करेंगे सुनवाई

Hearing completed on demand for ASI survey of Gyanvapi Waju khana order will come on 31 October
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

एएसआई की तरफ से सालिसिटर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा भी सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया जा चुका है कि इमारत को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के गत तीन अगस्त के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक त्रिपाठी द्वारा एफिडेविट दायर किया गया था। उसमें स्पष्ट किया गया है कि एएसआई का वैज्ञानिक सर्वे पूर्णतया सुरक्षित रहेगा।

 

ऐसे में वर्तमान परिदृश्य में वजूखाने (शिवलिंग जैसी आकृति छोड़कर) की एएसआई सर्वे की अनुमति दी जाती है तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं होगी। वजूखाने को कोई नुकसान भी नहीं होगा और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यथास्थिति बनी रहेगी। वजूखाना क्षेत्र का एएसआई सर्वे आवश्यक एवं दोनों ही पक्षों के हित में है।

 

अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से अधिवक्ता एखलाक अहमद, मुमताज अहमद, रईस खान व तौहीद खान ने आवेदन का पुरजोर विरोध किया। कहा कि वजूखाने को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सील किया गया है। वहां का सर्वे होने से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना होगी। अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली सुरक्षित रखते हुए आदेश के लिए 21 अक्तूबर कि तिथि नियत कर दी।

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