Gyanvapi Case : अखिलेश-ओवैसी पर मुकदमा दर्ज होगा या नहीं, मामले की सुनवाई टली, अब 27 जून को होगी सुनवाई
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम उज्जवल उपाध्याय के अवकाश पर होने के कारण अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय का प्रार्थना पत्र मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय नितेश सिन्हा की अदालत में पेश हुआ।
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वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अदालत में अगली तिथि तक सुनवाई टाल दी गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम उज्जवल उपाध्याय के अवकाश पर होने के कारण अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय का प्रार्थना पत्र मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय नितेश सिन्हा की अदालत में पेश हुआ।
अदालत ने इस पर सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय कर दी। दरअसल ज्ञानवापी परिसर में 16 मई को कोर्ट कमिश्नर की कार्यवाही के दौरान शिवलिंग मिलने के दावे के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद ओवैसी पर हिंदुओं की धार्मिक भावना आहत करने वाला बयान देने का आरोप लगा था।
इस मामले में अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अखिलेश, ओवैसी और उनके भाई समेत दो हजार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। इस मामले की पत्रावली अदालत में पेश की गई।
अदालत ने कहा कि उसे सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। अवकाश से आने के बाद नियमित एसीजेएम पंचम की अदालत ही सुनवाई करेगी। सुनने योग्य है या नहीं के मुद्दे पर कहा कि 156-3 के आवेदन पर अदालत को अपराध का संज्ञान लेकर संबंधित थाने से रिपोर्ट मंगाने का अधिकार है। इसके बाबत सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भी है। कोर्ट में अधिवक्ता ध्रुव शुक्ला, अजय प्रताप सिंह, घनश्याम मिश्र, साधना सिंह आदि मौजूद रहे।