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सिर पर पात और पीतल की थाल पर नृत्य ने मोहा
ब्यूरो, वाराणसी अमर उजाला
Updated Tue, 19 Jan 2016 02:16 AM IST
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बीएचयू के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में सोमवार को सांस्कृतिक उत्सवों के क्रम में सहज नाद का आयोजन किया गया।
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श्री पराशक्ति वेलफेयर सोसाइटी व सहज योग केंद्र इलाहाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या भजन और नृत्य कार्यक्रमों से सजी।
रूस की कुचिपुडी नृत्यांगना वैरा कृष्णराज ने कुचिपुडी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। सिर पर जल का पात रख और पीतल के थाल पर उनकी नृत्य प्रस्तुति ने न सिर्फ कलाप्रेमियों को भाव विभोर किया बल्कि विस्मित भी कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत रूस के हिंदी भजन गायक दिमित्री ने भजन से की। कहरवा ताल में ...ओंकार की और दादरा ताल में ....जागो कुंडलिनी मां भजन से विभोर किया। इसी तरह कहरवा ताल में भी ...विनती सुनिये गाया।
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सूफी गीत से उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों का समापन किया। तबले पर पंकज राय ने संगत किया। भजन के बाद प्रिया मिश्रा और शैल्वी शुक्ला ने कथक नृतय की प्रस्तुति दी।
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लखनऊ घराने की शुद्ध पारंपरिक प्रस्तुति में उन्होंने थाट, टुकड़े, परन, तिहाई व जुगलबंदी के साथ ठुमरी से उन्होंने दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंतिम कड़ी में वैरा कृष्णराज का कुचिपुडी नृत्य हुआ।
शुरुआत उन्होंने गणेश स्तुति से की। इसके बाद उन्होंने वृंदावन निलयम में राधा की विभिन्न लीलाओं का वर्णन राग ऋतिगौली आदि तालम में किया।
गोवर्धन गिरधर में उन्होंने भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाए जाने को तरंगम पद्धति में नृत्य में पिरोया। उन्होंने सिर पर पानी का पात रख पीतल की थाल पर नृत्य के विभिन्न करतब का अद्भुत प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में डॉ. विश्वनाथ पांडेय, प्रो. शारदा वेलंकर, प्रो. आर सान्याल, प्रो. के शशि कुमार, प्रो. राजेश शाह, प्रो. रेवती साकलकर, डॉ. विधि नागर, ज्ञानेश चंद्र पांडेय, डॉ. मधुमिता आदि उपस्थित रहे।