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शक्ति की भक्ति, संवरने लगे पंडाल
ब्यूरो,अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 19 Sep 2016 01:52 AM IST
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सज रहे पूजा पंडाल
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मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र एक अक्तूबर से शुरू हो रहा है। शहर में इसकी तैयारी महीने भर पहले से ही शुरू हो गई है। प्रमुख पूजा पंडाल आकार लेने लगे हैं। इस बार नवरात्र उत्सव में लघु भारत का अहसास होगा। कोलकाता से आए तमाम कारीगर दिन रात एक कर पंडालों को भव्य रूप देने में जुटे हैं। पूर्वांचल के सबसे प्रमुख पूजा पंडालों में शुमार हथुआ मार्केट के पंडाल में इस बार केरल के भूदेश्वर महादेव मंदिर का अक्श दिखेगा। इस पंडाल को तैयार करने में सौ से अधिक विशेषज्ञ कारीगर महीने भर से जुटे हैं।
उधर, जैतपुरा स्थित बागेश्वरी देवी मंदिर के पास सजने वाले दुर्गा पूजा पंडाल को भी तेजी से तैयार किया जा रहा है। यहां इस बार ऐसा पंडाल तैयार किया जा रहा है जिसकी झलक माता वैष्णो देवी के मंदिर जैसी होगी। पहाड़ के ऊपर मां की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। वहीं मछोदरी में इस बार राजस्थान के किलों का अक्श उभारने की तैयारी है। हथुआ मार्केट, जैतपुर और मछोदरी ये वो पूजा पंडाल हैं जो पूर्वांचल में अपनी अलग पहचान रखते हैं। रोजाना लाखों की संख्या में भक्त यहां देवी के दर्शन को आते हैं। पूजा पंडाल के आसपास मेले सा माहौल होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक मालवीय के मुताबिक इस साल शारदीय नवरात्र दस दिनों का है। दस अक्तूबर को महानवमी होगी जबकि 11 अक्तूबर को रावण दहन के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। बताया कि द्वितीया तिथि इस साल दो बार है। इस दिन ब्रह्मचारिणी देवी का दर्शन होता है। बकौल दीपक मालवीय, इस बार मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर हो रहा है जबकि उनका गमन वाहन मुर्गा है।
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उधर, जैतपुरा स्थित बागेश्वरी देवी मंदिर के पास सजने वाले दुर्गा पूजा पंडाल को भी तेजी से तैयार किया जा रहा है। यहां इस बार ऐसा पंडाल तैयार किया जा रहा है जिसकी झलक माता वैष्णो देवी के मंदिर जैसी होगी। पहाड़ के ऊपर मां की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। वहीं मछोदरी में इस बार राजस्थान के किलों का अक्श उभारने की तैयारी है। हथुआ मार्केट, जैतपुर और मछोदरी ये वो पूजा पंडाल हैं जो पूर्वांचल में अपनी अलग पहचान रखते हैं। रोजाना लाखों की संख्या में भक्त यहां देवी के दर्शन को आते हैं। पूजा पंडाल के आसपास मेले सा माहौल होता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक मालवीय के मुताबिक इस साल शारदीय नवरात्र दस दिनों का है। दस अक्तूबर को महानवमी होगी जबकि 11 अक्तूबर को रावण दहन के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। बताया कि द्वितीया तिथि इस साल दो बार है। इस दिन ब्रह्मचारिणी देवी का दर्शन होता है। बकौल दीपक मालवीय, इस बार मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर हो रहा है जबकि उनका गमन वाहन मुर्गा है।
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