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मां के लिए लेने गया था दवाई, दी गाली और की बदसलूकी तो मार दी गोली
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वाराणसी। मां कोरोना संक्रमित हैं, उनके लिए दवा लेने गए थे। ठीक है, दवा नहीं देना था तो मेडिकल स्टोर संचालक को गालीगलौज, बदसलूकी और मारपीट भी तो नहीं करनी चाहिए थी। शराब पिए ही हुए थे, बर्दाश्त नहीं हुआ तो दो दोस्तों को बुलाकर गुस्से में गोली मार दिए। यह बातें भेलूपुर थाने की पुलिस से रविवार को महमूरगंज निवासी पेशे से मोती के कारोबारी अजय कुमार वर्मा ने मेडिकल स्टोर संचालक पंकज राय को गोली मारने की घटना के संबंध में कहीं। अजय के साथ वारदात के दौरान मौजूद रहे उसके दो दोस्तों संत रघुवर नगर के सागर और महमूरगंज के अनिल प्रजापति को भी गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त अजय की लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस जब्त कर लिया है।
महमूरगंज क्षेत्र में ही रहने वाले पंकज राय का उनके घर से थोड़ी दूर पर मेडिकल स्टोर है। पंकज के अनुसार शनिवार की रात वह शटर का आधा हिस्सा गिरा कर दुकान का हिसाब-किताब देख रहे थे। इसी बीच दो युवक आए और दवा मांगे तो उन्होंने कहा कि दुकान बंद हो गई है। इस पर दोनों कहासुनी और गालीगलौज करने लगे। थोड़ी ही देर बाद वह पुन: अपने एक साथी के साथ आए और उनके पेट में गोली मार दिए। पंकज को आननफानन मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के अनुसार पंकज की हालत फिलहाल स्थिर है।
इस संबंध में डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि कहासुनी के बाद आवेश में आकर घटना को अंजाम दिया गया था। दोनों ही पक्षों का एक-दूसरे पर बदसलूकी और गालीगलौज का आरोप है। वारदात के पहले अजय और सागर साथ ही शराब पी रहे थे। अजय ने ही फिर सागर और अनिल को फोन कर मेडिकल स्टोर के समीप बुलाया था। इसके बाद अजय ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से मेडिकल स्टोर संचालक को गोली मारी थी। अजय की रिवॉल्वर का लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में भेलूपुर इंस्पेक्टर अमित मिश्रा, क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय, दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह और महमूरगंज चौकी इंचार्ज अनुज तिवारी शामिल रहे।
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सागर और अनिल ने कहा अजय ने धोखा किया
गिरफ्तार होने के बाद प्राइवेट दुकान में काम करने वाले सागर और मिट्टी के बर्तन बेचने वाले अनिल ने पुलिस से कहा कि उन्हें शनिवार की रात घर से बुलाकर अजय ने यह कहा था कि आओ दवा लेने चलना है। एक मेडिकल स्टोर वाला दवा नहीं दे रहा है। तीनों मेडिकल स्टोर के समीप पहुंचे और दुकानदार को देखते ही जब अजय ने अचानक गोली चला दी तो दोनों डर गए और उसके साथ ही मौके से भाग निकले। दोनों ने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि अजय किसी को गोली मारेगा तो वह उसके साथ कतई न जाते। अजय ने मि लोगों को धोखा दिया था।
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दुर्गाकुंड और महमूरगंज चौकी इंचार्ज सहित पुलिस टीम पुरस्कृत
डीसीपी काशी जोन ने बताया कि सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से वारदात के खुलासे में दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह और महमूरगंज चौकी इंचार्ज अनुज तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों की मेहनत और इनपुट की वजह से ही पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को वारदात के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इसलिए दुर्गाकुंड और महमूरगंज चौकी इंचार्ज के साथ ही पूरी पुलिस टीम को दस हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने के साथ देकर उच्चाधिकारियों से पुरस्कृत कराने के लिए अनुशंसा की गई है।
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महमूरगंज क्षेत्र में ही रहने वाले पंकज राय का उनके घर से थोड़ी दूर पर मेडिकल स्टोर है। पंकज के अनुसार शनिवार की रात वह शटर का आधा हिस्सा गिरा कर दुकान का हिसाब-किताब देख रहे थे। इसी बीच दो युवक आए और दवा मांगे तो उन्होंने कहा कि दुकान बंद हो गई है। इस पर दोनों कहासुनी और गालीगलौज करने लगे। थोड़ी ही देर बाद वह पुन: अपने एक साथी के साथ आए और उनके पेट में गोली मार दिए। पंकज को आननफानन मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के अनुसार पंकज की हालत फिलहाल स्थिर है।
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इस संबंध में डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि कहासुनी के बाद आवेश में आकर घटना को अंजाम दिया गया था। दोनों ही पक्षों का एक-दूसरे पर बदसलूकी और गालीगलौज का आरोप है। वारदात के पहले अजय और सागर साथ ही शराब पी रहे थे। अजय ने ही फिर सागर और अनिल को फोन कर मेडिकल स्टोर के समीप बुलाया था। इसके बाद अजय ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से मेडिकल स्टोर संचालक को गोली मारी थी। अजय की रिवॉल्वर का लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में भेलूपुर इंस्पेक्टर अमित मिश्रा, क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय, दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह और महमूरगंज चौकी इंचार्ज अनुज तिवारी शामिल रहे।
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सागर और अनिल ने कहा अजय ने धोखा किया
गिरफ्तार होने के बाद प्राइवेट दुकान में काम करने वाले सागर और मिट्टी के बर्तन बेचने वाले अनिल ने पुलिस से कहा कि उन्हें शनिवार की रात घर से बुलाकर अजय ने यह कहा था कि आओ दवा लेने चलना है। एक मेडिकल स्टोर वाला दवा नहीं दे रहा है। तीनों मेडिकल स्टोर के समीप पहुंचे और दुकानदार को देखते ही जब अजय ने अचानक गोली चला दी तो दोनों डर गए और उसके साथ ही मौके से भाग निकले। दोनों ने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि अजय किसी को गोली मारेगा तो वह उसके साथ कतई न जाते। अजय ने मि लोगों को धोखा दिया था।
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दुर्गाकुंड और महमूरगंज चौकी इंचार्ज सहित पुलिस टीम पुरस्कृत
डीसीपी काशी जोन ने बताया कि सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से वारदात के खुलासे में दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह और महमूरगंज चौकी इंचार्ज अनुज तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों की मेहनत और इनपुट की वजह से ही पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को वारदात के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इसलिए दुर्गाकुंड और महमूरगंज चौकी इंचार्ज के साथ ही पूरी पुलिस टीम को दस हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने के साथ देकर उच्चाधिकारियों से पुरस्कृत कराने के लिए अनुशंसा की गई है।