{"_id":"5f0e13b08ebc3e63ba635b6c","slug":"hatya-city-news-vns53585083","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 साल के बच्चे की गला दबाकर निर्माणाधीन मकान में फेंका शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 साल के बच्चे की गला दबाकर निर्माणाधीन मकान में फेंका शव
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रामनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद आदर्श गांव डोमरी स्थित बाल विद्यालय के समीप एक निर्माणाधीन मकान में मंगलवार को एक बच्चे का शव मिला। बच्चे की गर्दन और गले पर मिले निशान के आधार पर उसकी गला दबाकर हत्या की आशंका जताई गई है। बच्चा कैसे गायब हुआ और उसकी हत्या क्यों की गई, इसे लेकर राज बरकरार है। रामनगर थाने की पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा कर प्रकरण की जांच कर रही है। बच्चे के पिता की तहरीर पर रामनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
चंदौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव निवासी शिवकुमार सेठ उर्फ पल्लू की पत्नी दीपा के अनुसार उसका 10 वर्षीय बेटा कृष्णा सेठ सोमवार की दोपहर खेलने के लिए घर से बाहर निकला था। इसके बाद उसका कहीं पता नहीं लगा। उसकी खोजबीन की जा रही थी कि इसी बीच मंगलवार को घर से कुछ दूरी पर स्थित डोमरी गांव में एक बच्चे का शव मिलने की सूचना पर सभी शंकावश वहां गए। शव की शिनाख्त कृष्णा के तौर पर होते ही दीपा अचेत हो गई। उधर, कृष्णा के पिता और शादी में मंडप सजाने का काम करने वाले पल्लू सेठ ने बताया कि कृष्णा कक्षा चार में बाल विद्यालय डोमरी में पढ़ता था। बड़ी बहन प्रिया और कृष्णा दोनों साथ-साथ स्कूल जाते थे। कृष्णा यहां कैसे आया, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। वहीं, जिस निर्माणाधीन मकान में कृष्णा का शव मिला वहां शराब और बीयर की बोतल के अलावा एक चूल्हा भी मिला। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथमदृष्टया यही प्रतीत हुआ है बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के बाद यहां शव फेंका गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा कर घटनास्थल के एक किलोमीटर के दायरे में लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से वारदात की गुत्थी जल्द सुलझाई जाएगी।
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कहां गई मेरे लाल की काली शर्ट, मां और बहन बेसुध
कृष्णा का शव मिलने की सूचना जैसे ही उसकी मां दीपा और बहन प्रिया सेठ को मिली तो घर में कोहराम मच गया। दीपा का कहना था कि बच्चा काली शर्ट और पैंट पहन कर घर से निकला था। जब शव मिला तो उसके शरीर पर शर्ट नहीं थी। यह कह कर वह बिलख रही थी और फिर अचेत हो जाती थी। कृष्णा घर का इकलौता चिराग था। पिता शिवकुमार सेठ शादी में डेकोरेशन के काम के साथ ही पेंटिंग का काम भी करता है। कृष्णा रोजाना खेलने के लिए जाता था। कभी-कभी उसका एक दोस्त उसे बुलाने घर आता था, लेकिन शाम पांच बजे तक हर हाल में वह घर लौट आता था। सोमवार को जब वह नहीं लौटा तो इसकी सूचना सपा नेता विशाल सिंह ने सूजाबाद और जलीलपुर पुलिस चौकी पर दी थी। दोनों चौकी से कहा गया कि मंगलवार की सुबह रिपोर्ट दर्ज कर ढूढेंगे। पिता शिवकुमार ने बताया कि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं है और न किसी से संपत्ति वगैरह का कोई विवाद है। ऐसे में बच्चे की जान किसने ली, यह बड़ा सवाल है। वहीं, पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू पर नजर रख कर जांच कर रही है।
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चंदौली की जलीलपुर चौकी की पुलिस तत्परता दिखाती तो शायद बच जाती जान
कृष्णा के परिजन सोमवार दोपहर बाद ही उसे खोज रहे थे। मां-बाप ने बताया कि कृष्णा को खोजने के बाद क्षेत्र के लोगों के साथ हम दोनों लोग जलीलपुर पुलिस चौकी गए थे। चौकी में बेटे की गुमशुदगी दर्ज करने के लिए कहा लेकिन पुलिस ने डांटकर भगा दिया। पुलिस यदि उसी समय तत्परता दिखा कर खोजबीन शुरू कर दी होती तो शायद आज कृष्णा हमारी आंखों के सामने होता। पुलिस की लापरवाही की वजह से बच्चे की जान चली गई। वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि जलीलपुर पुलिस चौकी के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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चंदौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव निवासी शिवकुमार सेठ उर्फ पल्लू की पत्नी दीपा के अनुसार उसका 10 वर्षीय बेटा कृष्णा सेठ सोमवार की दोपहर खेलने के लिए घर से बाहर निकला था। इसके बाद उसका कहीं पता नहीं लगा। उसकी खोजबीन की जा रही थी कि इसी बीच मंगलवार को घर से कुछ दूरी पर स्थित डोमरी गांव में एक बच्चे का शव मिलने की सूचना पर सभी शंकावश वहां गए। शव की शिनाख्त कृष्णा के तौर पर होते ही दीपा अचेत हो गई। उधर, कृष्णा के पिता और शादी में मंडप सजाने का काम करने वाले पल्लू सेठ ने बताया कि कृष्णा कक्षा चार में बाल विद्यालय डोमरी में पढ़ता था। बड़ी बहन प्रिया और कृष्णा दोनों साथ-साथ स्कूल जाते थे। कृष्णा यहां कैसे आया, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। वहीं, जिस निर्माणाधीन मकान में कृष्णा का शव मिला वहां शराब और बीयर की बोतल के अलावा एक चूल्हा भी मिला। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथमदृष्टया यही प्रतीत हुआ है बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के बाद यहां शव फेंका गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा कर घटनास्थल के एक किलोमीटर के दायरे में लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से वारदात की गुत्थी जल्द सुलझाई जाएगी।
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कहां गई मेरे लाल की काली शर्ट, मां और बहन बेसुध
कृष्णा का शव मिलने की सूचना जैसे ही उसकी मां दीपा और बहन प्रिया सेठ को मिली तो घर में कोहराम मच गया। दीपा का कहना था कि बच्चा काली शर्ट और पैंट पहन कर घर से निकला था। जब शव मिला तो उसके शरीर पर शर्ट नहीं थी। यह कह कर वह बिलख रही थी और फिर अचेत हो जाती थी। कृष्णा घर का इकलौता चिराग था। पिता शिवकुमार सेठ शादी में डेकोरेशन के काम के साथ ही पेंटिंग का काम भी करता है। कृष्णा रोजाना खेलने के लिए जाता था। कभी-कभी उसका एक दोस्त उसे बुलाने घर आता था, लेकिन शाम पांच बजे तक हर हाल में वह घर लौट आता था। सोमवार को जब वह नहीं लौटा तो इसकी सूचना सपा नेता विशाल सिंह ने सूजाबाद और जलीलपुर पुलिस चौकी पर दी थी। दोनों चौकी से कहा गया कि मंगलवार की सुबह रिपोर्ट दर्ज कर ढूढेंगे। पिता शिवकुमार ने बताया कि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं है और न किसी से संपत्ति वगैरह का कोई विवाद है। ऐसे में बच्चे की जान किसने ली, यह बड़ा सवाल है। वहीं, पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू पर नजर रख कर जांच कर रही है।
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चंदौली की जलीलपुर चौकी की पुलिस तत्परता दिखाती तो शायद बच जाती जान
कृष्णा के परिजन सोमवार दोपहर बाद ही उसे खोज रहे थे। मां-बाप ने बताया कि कृष्णा को खोजने के बाद क्षेत्र के लोगों के साथ हम दोनों लोग जलीलपुर पुलिस चौकी गए थे। चौकी में बेटे की गुमशुदगी दर्ज करने के लिए कहा लेकिन पुलिस ने डांटकर भगा दिया। पुलिस यदि उसी समय तत्परता दिखा कर खोजबीन शुरू कर दी होती तो शायद आज कृष्णा हमारी आंखों के सामने होता। पुलिस की लापरवाही की वजह से बच्चे की जान चली गई। वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि जलीलपुर पुलिस चौकी के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।