ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस: हाईकोर्ट के आदेश पर हिंदू पक्ष ने जताई खुशी, कहा- हमारी विजय हर तरह से होगी
वाराणसी जिला जज की अदालत ने आठ महीने पहले कहा था कि ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी का मामला सुनवाई योग्य है। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की भी मुहर लग गई है। इस पर हिंदू पक्ष ने खुशी जताई है।
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ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में जिला जज की अदालत के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। इसके साथ ही अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी । इस पर हिंदू पक्ष ने बुधवार को खुशी जताते हुए अपनी जीत बताई। साथ ही कहा अब न्यायिक लड़ाई को और मजबूती के साथ लड़ेंगे।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि जिला जज ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का आवेदन खारिज कर दिया था। कहा था कि पूजास्थल अधिनियम-1991, वक्फ एक्ट और काशी विश्वनाथ मंदिर एक्ट से श्रृंगार गौरी वाद प्रभावित नहीं होता है। मुकदमा सुनवाई योग्य है। इसी आदेश की हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद पुष्टि कर दी है। यह बहुत बड़ी जीत है। करोड़ों आस्थावान सनातन धर्मियों की विजय है। अब कोर्ट में साक्ष्य की लड़ाई है, जिसमें हमारे साथ हजारों वर्ष से मंदिर होने के प्रमाण हैं। हमारी विजय हर तरह से होगी।
100 करोड़ मंदिर समर्थकों व सनातन धर्मियों की जीत
अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश विधि सम्मत है। अब हमारी तरफ से दाखिल वाद की सुनवाई शुरू हो जाएगी और हमें जल्द ही नियमित दर्शन-पूजन, राग-भोग और श्रृंगार का अधिकार मिल जाएगा।
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ज्ञानवापी से संबंधित हिंदू पक्ष के पैरोकार सोहन लाल आर्य ने कहा कि यह 100 करोड़ मंदिर समर्थकों व सनातन धर्मियों की जीत है। हर हिंदू जो विगत कालखंड में मंदिर टूटने से आहत था, उसे पुनः प्राप्त करने की स्पष्ट लालसा दिख रही है। कहा कि तलवार के दम पर आराध्य स्थल ध्वस्त किया गया था, वह जल्द ही बहाल हो जाएगा।
राह में आ रहे रोड़े इसी तरह से हटते जाएंगे
वादिनी लक्ष्मी देवी ने कहा कि सनातन धर्म के लोगों की यह बड़ी जीत है। वाद सुनने योग्य है, इस पर हाईकोर्ट की मुहर लग गई है। राह में आ रहे रोड़े इसी तरह से हटते जाएंगे और हम आगे बढ़ते जाएंगे।
वादिनी मंजू व्यास ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सबूत हम सनातन धर्मियों के पक्ष में है। हमारे पास साक्ष्य भी अकाट्य हैं। यह हमारी विजय है और वहां भव्य मंदिर बनेगा।
वादिनी सीता साहू ने कहा कि यह हमारी बड़ी जीत है। असली जीत तब होगी जब वहा मंदिर बनेगा। उसके साथ ही दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक का अधिकार मिलेगा। सर्वे का कार्य आगे बढ़ेगा तो मंदिर से संबंधित और भी साक्ष्य मिलेंगे, जो जीत में निर्णायक साबित होंगे।
हाईकोर्ट का यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा
वादिनी रेखा पाठक ने कहा कि सनातन हिंदू धर्मियों की आगे भी इसी तरह जीत होती रहेगी। दर्शन-पूजन का अधिकार इसी सावन माह तक मिल जाए, तब मां श्रृंगार गौरी का पूजन कर बाबा को जल अर्पित किया जा सकेगा। अधिवक्ता दीपक सिंह ने कहा कि यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा और आगे की राह प्रशस्त करेगा। विपक्षी कहीं भी जाएं, जीत सनातन हिंदू धर्म की ही होगी।