Gyanvapi Masjid Case: श्रृंगार गौरी ज्ञानवापी मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं, जिला जज की अदालत में सुनवाई कल
ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के रूल 7 आर्डर 11 के तहत प्रार्थना पत्र पर गुरुवार को जिला जज अजय कृष्ण विश्वेस की अदालत में सुनवाई होगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रृंगार गौरी के नियमित पूजा-पाठ और अन्य विग्रहों के संरक्षण की मांग पर चल रहा मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं, इस पर न्यायालय कल आदेश देगा। मंगलवार को सुनवाई के बाद आदेश के लिए जिला जज की अदालत ने 26 मई की तिथि नियत की है। जिला जज अजय कृष्ण विश्वेस की अदालत ने कमीशन की सर्वे रिपोर्ट पर एक सप्ताह में आपत्ति देने को कहा है।
इसके लिए दोनों पक्षों को रिपोर्ट के साथ फोटो व वीडियोग्राफी की कॉपी भी दी जाएगी। इसके अलावा बाकी तीन आवेदनों पर न्यायालय में सुनवाई नहीं हुई। दरअसल, मुस्लिम पक्ष की ओर से कमीशन की कार्यवाही से पहले जनवरी 2022 में दी प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का हवाला देते हुए इस वाद को खारिज करने का आवेदन दिया गया था।
मुस्लिम पक्ष ने वाद खारिज करने की मांग की
इस आवेदन पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई थी। जिला जज की अदालत में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से रूल 7 आर्डर 11 के तहत दिए गए आवेदन पर गुरुवार को सुनवाई होगी। इसमें वाद पर सवाल करते हुए मुस्लिम पक्ष ने आठ बिंदुओं के जरिए वाद खारिज करने की मांग की है।
तीन आवेदनों पर नहीं हुई सुनवाई
ज्ञानवापी में मुस्लिम प्रवेश प्रतिबंधित करने का वाद
वाराणसी के मां श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर छिड़े घमासान के बीच मंगलवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान के लिए एक और मुकदमा दाखिल किया गया है। यह मुकदमा विश्व वैदिक सनातन संघ की अंतरराष्ट्रीय महामंत्री किरण सिंह की ओर से दाखिल किया गया है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने वाद दर्ज करने की अनुमति दी है। साथ ही, प्रकरण में सुनवाई की अगली तिथि 25 मई नियत की है। इसमें ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम पक्ष का प्रवेश प्रतिबंधित, संपूर्ण परिसर हिंदुओं को सौंपने और प्रकट हुए भगवान आदि विश्वेश्वर स्वयंभू ज्योतिर्लिंग की पूजा पाठ शुरू करने की अनुमति की मांग की गई है।