फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi masjid ASI survey Saints welcomed said Muslim side should give up its claim

Gyanvapi Case: एएसआई सर्वे का सरकार ने किया स्वागत, साधु-संत बोले- मुस्लिम पक्ष को अपना दावा छोड़ देना चाहिए

Sat, 22 Jul 2023 12:46 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 22 Jul 2023 12:46 AM IST
सार

Gyanvapi Case Update: वाराणसी जिला जज की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा आदेश सुनाया। ज्ञानवापी में सील वजूखाने को छोड़कर पूरे परिसर के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया। संत समाज ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। 

विज्ञापन
Gyanvapi masjid ASI survey Saints welcomed said Muslim side should give up its claim
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर के एएसआई कोर्ट के आदेश के बाद से हिंदू पक्ष में खुशी की लहर है। वाराणसी जिला जज की अदालत ने वजूखाना छोड़कर पूरे ज्ञानवापी परिसर के वैज्ञानिक सर्वे की अनुमति दी है। साधु-संतों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि एएसआई के सर्वे में ज्ञानवापी का सच दुनिया के सामने आ जाएगा। मुस्लिम पक्ष को अपना दावा छोड़ देना चाहिए। यह स्थान भगवान शिव का है और उसे शिवभक्तों को सौंप देना चाहिए। आततायी के निशानी के तौर पर इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।  

विज्ञापन


काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने कहा कि जिला न्यायालय द्वारा एएसआई सर्वे का आदेश स्वागत योग्य है। मैं देश के प्रबुद्ध मुसलमानों का आह्वान करता हूं कि वह समझौता कर लें। सनातनी हिंदू आगे आएं और आपस में वार्ता करके इस मामले का निराकरण कर लें।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी का एएसआई सर्वे; मामले की सुनवाई महज 67 दिन में पूरी, फैसले को हिंदू पक्ष क्यों बता रहा बड़ी जीत?

विज्ञापन
विज्ञापन

मुस्लिम पक्ष का दावा पूरी तरह से आधारहीन

पातालपुरी मठ के महंत बालक दास ने कहा कि ज्ञानवापी पर मुस्लिम पक्ष का दावा पूरी तरह से आधारहीन है। एएसआई सर्वे के बाद हिंदू पक्ष की दलीलों को और भी ज्यादा मजबूत आधार मिल जाएगा। मुस्लिम पक्ष को बेवजह इस मामले को तूल नहीं देना चाहिए और इसे हिंदुओं को सौंप देना चाहिए।

आसान हो जाएगी कोर्ट की राह

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि बिना सर्वे के यह प्रमाणित नहीं होगा कि मंदिर ओर मस्जिद में क्या अंतर है। देखने से स्पष्ट है कि यह मंदिर है जिस पर मस्जिद बनाई गई है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण मिल जाए तो कोर्ट की राह आसान हो जाएगी। बहुत अच्छा निर्णय है और हम इसका स्वागत करते हैं और इस पर त्वरित कार्रवाई हो।

विश्व ब्राह्मण परिसंघ ने किया स्वागत

ज्ञानवापी मस्जिद के एएसआई द्वारा सर्वेक्षण कराए जाने के आदेश का विश्व ब्राह्मण परिसंघ पूर्वी उत्तर प्रदेश ने स्वागत किया है। विश्व ब्राह्मण परिसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी डॉ. विद्यासागर पांडेय, अध्यक्ष प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी एवं महासचिव दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि संबंधित मुस्लिम पक्ष को बाबा के मंदिर को ध्वस्त कर बनाई गई मस्जिद से अपना दावा छोड़ देना चाहिए, क्योंकि मस्जिद के ढांचे को देखने से यह स्पष्ट है कि यह प्रत्यक्ष रूप से मंदिर तोड़कर ही बनाया गया है, इससे न केवल सामाजिक समरसता मजबूत होगी तो सामाजिक सद्भाव में भी वृद्धि होगी।

दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने किया स्वागत

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ज्ञानव्यापी मंदिर परिसर का एएसआई की ओर से सर्वे कराने के न्यायालय के फैंसले का स्वागत किया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट न्यायालय के फैंसले का स्वागत करते हुए कहा हर हर महादेव का नारा दिया। वहीं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी न्यायालय के फैंसले का स्वागत करते हुए कहा कि संविधान सर्वोपरि है। देश के सभी नागरिकों व सभी पक्षधरों को इसका सम्मान करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed