{"_id":"678b5f3a5a764e3c09076517","slug":"gyanvapi-lord-vishwaeshwar-case-application-to-become-party-rejected-court-said-came-late-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञानवापी का लॉर्ड विश्वेश्वर केस: पक्षकार बनने की अर्जी खारिज, अदालत बोली- देरी से आए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञानवापी का लॉर्ड विश्वेश्वर केस: पक्षकार बनने की अर्जी खारिज, अदालत बोली- देरी से आए
Sat, 18 Jan 2025 01:29 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 18 Jan 2025 01:29 PM IST
सार
ज्ञानवापी के लॉर्ड विश्वेश्वर केस में पक्षकार बनने की अर्जी खारिज कर दी गई है। अदालत ने कहा कि जितेंद्र नाथ व्यास ने अर्जी देने में देरी की है।
विज्ञापन
Gyanvapi Case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लॉर्ड विश्वेश्वर के वर्ष 1991 के मुकदमे में पक्षकार बनने की जितेंद्र नाथ व्यास की अर्जी शुक्रवार को अदालत ने खारिज कर दी। सिविल जज (फास्ट ट्रैक) सीनियर डिवीजन युगल शंभू की अदालत ने कहा कि जितेंद्र नाथ व्यास ने अर्जी देने में देरी की है। यह भी बताने में असफल रहे कि वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी किसी तरह की अनियमितता कर रहे हैं। मामले से संबंधित साक्ष्य भी नहीं प्रस्तुत कर सके हैं।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि वादमित्र मामले की प्रभावी पैरवी कर रहे हैं, इसलिए जितेंद्र नाथ व्यास का प्रार्थना पत्र निरस्त होने योग्य है। इसके साथ ही अदालत ने मुकदमे की सुनवाई की अगली तारीख 21 जनवरी तय कर दी।
विज्ञापन
लॉर्ड विश्वेश्वर के केस के तीन मूल वादियों में से एक पंडित सोमनाथ व्यास थे। उनका निधन हो चुका है। वर्ष 2019 से लॉर्ड विश्वेश्वर के वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी हैं। पंडित सोमनाथ व्यास के भतीजे योगेंद्र नाथ व्यास ने मुकदमे में पक्षकार बनने की अर्जी दाखिल की थी।
विज्ञापन
अजी के विरोध में लॉर्ड विश्वेश्वर के वादमित्र ने आपत्ति दाखिल की थी। अर्जी खारिज होने के बाद जितेंद्र नाथ व्यास के अधिवक्ताओं ने कहा कि अब वह इलाहावाद हाईकोर्ट का रुख करने के लिए विचार कर रहे हैं।