Gyanvapi Issue: विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत बोले- संघ प्रमुख शंकराचार्य नहीं जो उनकी बात मानी जाए
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से सवाल करते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत ने कहा कि संघ प्रमुख होने के नाते वो खुद ही हिंदुत्व की बात करके पीछे हट गए।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कोई शंकराचार्य नहीं हैं जो उनकी बात मानी जाए, अब लड़ाई धर्मयुद्ध की चल रही है। हमारा भाई-भाई का झगड़ा है और इसके बीच राजनेताओं के हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। जब तक हमारा देश साधु संतों के हाथ में था सुरक्षित था लेकिन जबसे राजनीतिज्ञों के हाथ में आया है आए दिन विवाद हो रहे हैं।
पूर्व महंत ने कहा कि आज नेता धर्म के नाम पर केवल बयानबाजी कर रहे हैं और एक वर्ग को खुश करने के लिए बयान दे रहे हैं। आरएसएस प्रमुख से सवाल करते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि संघ प्रमुख होने के नाते खुद ही हिंदुत्व की बात करके पीछे हट गए। भाजपा के नेता भी इसी तरह से बयान दे रहे हैं। आखिर भाजपा और संघ के लोग क्या चाहते हैं, किस हिंदुत्व की बात करते हैं।
बाबा विश्वनाथ से बढ़कर कोई और नहीं
डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि ये लोग एक वर्ग को नाराज और एक वर्ग को खुश करना चाहते हैं तो हम लोग अब अपनी लड़ाई अकेले लड़ेंगे। संघ प्रमुख को इस मामले में पड़ने की कोई जरूरत नहीं थी। उनको मठाधीशी करने के लिए किसी ने आमंत्रित नहीं किया था। हम लोग इनकी बात क्यों मानें? मैं बाबा विश्वनाथ से बढ़कर किसी और को नहीं मानता हूं।
बाबा विश्वनाथ तो हमेशा रहेंगे, नेता तो आते और जाते रहेंगे। बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशने और रोजाना एक नया विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। अब ज्ञानवापी का मामला चल रहा है। इतिहास को हम बदल नहीं सकते। वो इतिहास हमारे द्वारा नहीं बनाया गया और ना ही आज के हिंदुओं और मुसलमानों द्वारा बनाया गया।
ज्ञानवापी के लिए कारसेवा का एलान
डॉ. कुलपति तिवारी ने इससे पहले रविवार को ज्ञानवापी के लिए कारसेवा का एलान किया । डॉ. तिवारी ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग को आदिविश्वेश्वर मानते हुए उनकी अविलंब पूजा-अर्चना के लिए वह शिव कारसेवा करेंगे। शिव कारसेवा 15 जून के बाद किसी भी दिन शुरू हो जाएगी।
कारसेवा में शामिल होने के लिए काशी के सभी मंदिरों के महंत और तीर्थ पुरोहितों को आमंत्रण पत्र भेजा जाएगा। मिर्जापुर के तीर्थ पुरोहित और प्रमुख मंदिरों के महंत भी आमंत्रित किए जाएंगे। इस कारसेवा के अंतर्गत शहर की सड़कों पर कोई भीड़-भाड़ इकठ्ठा नहीं होगी। न ही कोई शिव भक्त ज्ञानवापी परिसर में जाकर पूजा अर्चना करने की जिद करके अदालत की कार्रवाई में कोई बाधा उत्पन्न करेगा। सभी शिवभक्त अस्सी से आदिकेशव घाट तक जलमार्ग से शिव कारसेवा करेंगे।