फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Issue Former mahant of kashi Vishwanath temple said RSS chief is not aShankaracharya who should obey him

Gyanvapi Issue: विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत बोले- संघ प्रमुख शंकराचार्य नहीं जो उनकी बात मानी जाए

Mon, 06 Jun 2022 06:10 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 06 Jun 2022 06:10 PM IST
सार

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से सवाल करते हुए  काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत ने कहा कि संघ प्रमुख होने के नाते वो खुद ही हिंदुत्व की बात करके पीछे हट गए। 

विज्ञापन
Gyanvapi Issue Former mahant of kashi Vishwanath temple said RSS chief is not aShankaracharya who should obey him
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कोई शंकराचार्य नहीं हैं जो उनकी बात मानी जाए, अब लड़ाई धर्मयुद्ध की चल रही है। हमारा भाई-भाई का झगड़ा है और इसके बीच राजनेताओं के हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। जब तक हमारा देश साधु संतों के हाथ में था सुरक्षित था लेकिन जबसे राजनीतिज्ञों के हाथ में आया है आए दिन विवाद हो रहे हैं। 

विज्ञापन


पूर्व महंत ने कहा कि आज नेता धर्म के नाम पर केवल बयानबाजी कर रहे हैं और एक वर्ग को खुश करने के लिए बयान दे रहे हैं। आरएसएस प्रमुख से सवाल करते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि संघ प्रमुख होने के नाते खुद ही हिंदुत्व की बात करके पीछे हट गए। भाजपा के नेता भी इसी तरह से बयान दे रहे हैं। आखिर भाजपा और संघ के लोग क्या चाहते हैं, किस हिंदुत्व की बात करते हैं।
विज्ञापन


बाबा विश्वनाथ से बढ़कर कोई और नहीं
डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि ये लोग एक वर्ग को नाराज और एक वर्ग को खुश करना चाहते हैं तो हम लोग अब अपनी लड़ाई अकेले लड़ेंगे। संघ प्रमुख को इस मामले में पड़ने की कोई जरूरत नहीं थी। उनको मठाधीशी करने के लिए किसी ने आमंत्रित नहीं किया था। हम लोग इनकी बात क्यों मानें? मैं बाबा विश्वनाथ से बढ़कर किसी और को नहीं मानता हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बाबा विश्वनाथ तो हमेशा रहेंगे, नेता तो आते और जाते रहेंगे। बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि  हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशने और रोजाना एक नया विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है।  अब ज्ञानवापी  का मामला चल रहा है। इतिहास को हम बदल नहीं सकते। वो इतिहास हमारे द्वारा नहीं बनाया गया और ना ही आज के हिंदुओं और मुसलमानों द्वारा बनाया गया। 

ज्ञानवापी के लिए कारसेवा का एलान 
डॉ. कुलपति तिवारी ने इससे पहले रविवार को ज्ञानवापी के लिए कारसेवा का एलान किया । डॉ. तिवारी ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग को आदिविश्वेश्वर मानते हुए उनकी अविलंब पूजा-अर्चना के लिए वह शिव कारसेवा करेंगे। शिव कारसेवा 15 जून के बाद किसी भी दिन शुरू हो जाएगी।

 

कारसेवा में शामिल होने के लिए काशी के सभी मंदिरों के महंत और तीर्थ पुरोहितों को आमंत्रण पत्र भेजा जाएगा। मिर्जापुर के तीर्थ पुरोहित और प्रमुख मंदिरों के महंत भी आमंत्रित किए जाएंगे।  इस कारसेवा के अंतर्गत शहर की सड़कों पर कोई भीड़-भाड़ इकठ्ठा नहीं होगी। न ही कोई शिव भक्त ज्ञानवापी परिसर में जाकर पूजा अर्चना करने की जिद करके अदालत की कार्रवाई में कोई बाधा उत्पन्न करेगा। सभी शिवभक्त अस्सी से आदिकेशव घाट तक जलमार्ग से शिव कारसेवा करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed