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ज्ञानवापी मामला: 108 घंटे बाद समाप्त हुआ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन, आदि विश्वेश्वर के भव्य मंदिर निर्माण को चलाएंगे देशव्यापी अभियान
Wed, 08 Jun 2022 10:53 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Wed, 08 Jun 2022 10:53 PM IST
सार
श्री विद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आदि विश्वेश्वर के चरण पादुका की प्रतीक पूजा करने के बाद अनशन समाप्त करने की घोषणा की। शंकराचार्य ने पत्र में आदेश दिया है कि वह आदि विश्वेश्वर के भव्य मंदिर निर्माण के लिए देशव्यापी अभियान चलाएं और जो भी सार्थक प्रयास हों वे करें, जिससे वह स्थान समस्त सनातनियों के गौरव का केंद्र बने।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 108 घंटे बाद बुधवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। द्वारका शारदा एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और कांची मठ के महाराज का पत्र मिलने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह निर्णय लिया है। अब वह गुरु की आज्ञानुसार आदि विश्वेश्वर के भव्य मंदिर निर्माण के लिए देशव्यापी अभियान चलाएंगे।
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बुधवार को श्री विद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आदि विश्वेश्वर के चरण पादुका की प्रतीक पूजा करने के बाद अनशन समाप्त करने की घोषणा की। शंकराचार्य ने पत्र में आदेश दिया है कि वह आदि विश्वेश्वर के भव्य मंदिर निर्माण के लिए देशव्यापी अभियान चलाएं और जो भी सार्थक प्रयास हों वे करें, जिससे वह स्थान समस्त सनातनियों के गौरव का केंद्र बने।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पत्र में कहा है कि स्वास्थ्य कारणों से उनका अभी वाराणसी आना संभव नहीं है। वे चाहते हैं कि श्रीविद्यामठ में आदि विश्वेश्वर की प्रतीक पूजा उसी प्रकार शुरू की जाए, जैसे कॉरिडोर के निर्माण के वक्त तोड़े गए अनेकों शिवलिंग की पूजा प्रतीक रूप में मठ में निरंतर हो रही है।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चार जून को ज्ञानवापी परिसर में पूजन की घोषणा की थी। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें मठ से निकलने नहीं दिया। इसके बाद वह मठ में अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए थे। सोमवार को अयोध्या से आए संत जीयर स्वामी ने भी अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था।