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Gyanvapi Case: 'ज्ञानवापी में शिवलिंग नहीं फव्वारा', कार्बन डेटिंग के आदेश पर मसाजिद कमेटी ने क्या कहा? जानिए

Fri, 12 May 2023 10:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 12 May 2023 10:25 PM IST
सार

Gyanvapi Case: हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग व साइंटिफिक सर्वे का आदेश दिया है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा कि सत्यता सामने आनी ही चाहिए।

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Gyanvapi Case Shivling not fountain masajid committee what said on order of carbon dating
ज्ञानवापी में कथित तौर पर मिले शिवलिंग की तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर की कमीशन की कार्रवाई के दौरान 16 मई 2022 को शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था। शिवलिंग की असलियत का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग और साइंटिफिक सर्वे कराई जाएगी। इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रास्ता साफ कर दिया है।

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हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से ज्ञानवापी में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग व साइंटिफिक सर्वे की रिपोर्ट मांगी थी। यह रिपोर्ट एएसआई की तरफ से हाईकोर्ट में जमा की गई थी।
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इसे अब हाईकोर्ट ने स्वीकार कर कार्बन डेंटिंग और साइंटिफिक सर्वे का आदेश पारित कर दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन की प्रतिक्रिया सामने आई। एसएम यासीन ने कहा कि सत्यता सामने आनी ही चाहिए।
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वीडियो में देखें: जानिए कार्बन डेटिंग से कैसे निकाली जाएगी ज्ञानवापी शिवलिंगनुमा आकृति की उम्र

वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो साबित हो जाएगा कि ज्ञानवापी के वजूखाने में पुराना और खराब पड़ा फव्वारा है। वहां कोई शिवलिंग नहीं है। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। आदेश की प्रति मिलने पर उसका अध्ययन करेंगे। अदालत पर पूरा भरोसा है। हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं।

 

जितेंद्र सिंह विसेन बोले- बस शिवलिंग को क्षति नहीं पहुंचे 

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जितेंद्र सिंह विसेन - फोटो : अमर उजाला

ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी प्रकरण की एक अन्य वादिनी राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि हमारी आपत्ति सिर्फ इस बात को लेकर थी कि शिवलिंग को क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। शिवलिंग को नुकसान पहुंचाए बगैर जांच हो तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। यह सर्वविदित है कि ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग आदि विश्वेश्वर का है। उसकी प्राचीनता को लेकर हमें किसी भी तरह का संशय नहीं है।

'ज्ञानवापी में अनादि काल से स्वयंभू शिवलिंग'

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हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

वादिनी सीता साहू ने कहा कि जो सत्य है, वह सामने आए। यही महादेव से प्रार्थना है। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो स्पष्ट हो जाएगा कि शिवलिंग कितना प्राचीन है। यह खुशी का दिन है। लक्ष्मी देवी ने कहा कि जहां धर्म होता है, वहीं विजय होती है। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो सब साफ हो जाएगा। आदि विश्वेश्वर का स्वयंभू शिवलिंग अनादि काल से ज्ञानवापी में विद्यमान है।

रेखा पाठक ने कहा कि हमारी मेहनत रंग ला रही है। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा। अभी तो यह झांकी है। आगे बड़ी लड़ाई बाकी है।  वहीं मंजू व्यास ने कहा कि  ज्ञानवापी में कैद बाबा की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। आराध्य आदि विश्वेश्वर का मंदिर उजाड़ा गया, फिर जबरन मस्जिद बनाई गई थी।

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