ज्ञानवापी प्रकरण: 151वें दिन अदालत में दाखिल हुई सीलबंद सर्वे रिपोर्ट, 38वें दिन सार्वजनिक करने का आदेश
सर्वे का आदेश 21 जुलाई को आया था। सर्वे रिपोर्ट 18 दिसंबर को दाखिल की गई थी। सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश 24 जनवरी 2024 को आया है।
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सील वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर में एएसआई की सर्वे की समय सीमा चार बार बढ़ाई गई थी। इसी तरह से चार बार सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ी। प्रकरण के अनुसार, जिला जज की अदालत के आदेश के 151वें दिन एएसआई ने ज्ञानवापी सर्वे की सीलबंद रिपोर्ट दाखिल की थी। अब रिपोर्ट दाखिले करने के 38वें दिन इसे सार्वजनिक करने का आदेश जिला जज की अदालत ने दिया है।
सर्वे का आदेश 21 जुलाई को आया था। सर्वे रिपोर्ट 18 दिसंबर को दाखिल की गई थी। सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश 24 जनवरी 2024 को आया है। जानकारी के मुताबिक जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने 21 जुलाई 2023 को सात पेज के आदेश में कहा था कि एएसआई चार अगस्त तक सर्वे रिपोर्ट दाखिल करे। एएसआई ने 24 जुलाई को सर्वे शुरू किया, लेकिन उसी दिन रोक लग गई। बाद में चार अगस्त 2023 से दोबारा सर्वे शुरू हुआ।
इस बीच एएसआई ने सर्वे के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांग लिया। अदालत ने दो सितंबर 2023 तक का समय बढ़ा दिया। दो सितंबर को आठ सप्ताह का समय और मांगा। इस पर आठ सितंबर को अदालत ने चार सप्ताह का समय देते हुए छह अक्तूबर 2023 तक का समय दिया था। पांच अक्तूबर 2023 को एएसआई के आवेदन पर अदालत ने चार सप्ताह का अतिरिक्त समय फिर दिया, जो सात अक्तूबर से प्रभावी हुआ। दो नवंबर 2023 को एएसआई ने अदालत को बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है।
चार बार बढ़ी सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा
एएसआई ने ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अदालत से चार बार मोहलत मांगी।
- दो नवंबर 2023 को अदालत ने एएसआई को 15 दिन का समय दिया।
- 17 नवंबर 2023 को एएसआई ने फिर 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। इस पर 10 दिन की मोहलत देते हुए 28 नवंबर 2023 तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया।
- 28 नवंबर 2023 को एएसआई ने फिर 21 दिन की मोहलत मांगी। इस पर 30 नवंबर को 10 दिन की मोहलत देते हुए 11 दिसंबर 2023 तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश अदालत ने दिया।
- 11 दिसंबर 2023 को रिपोर्ट दाखिल करने में असमर्थता जताते हुए एएसआई ने एक हफ्ते का समय मांगा। इस पर अदालत ने 18 दिसंबर 2023 को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। 18 दिसंबर 2023 को एएसआई ने ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी।
मसाजिद कमेटी के विरोध पर दो दिन रुका था सर्वे
ज्ञानवापी का सर्वे 15 अगस्त 2023 को सार्वजनिक अवकाश के कारण नहीं हुआ था। 16 अगस्त 2023 से छह सितंबर 2023 तक सर्वे जारी रहा। मसाजिद कमेटी के विरोध के कारण सात और आठ सितंबर 2023 को सर्वे नहीं हुआ था। नौ सितंबर 2023 से सर्वे फिर शुरू हुआ। दो नवंबर 2023 को एएसआई ने अदालत को बताया था कि सर्वे का काम पूरा हो गया।
वर्ष 2021 में दाखिल हुआ था मां शृंगार गौरी केस
मां शृंगार गौरी केस की सुनवाई के क्रम में ही जिला जज की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर (सील वजूखाने को छोड़कर) में एएसआई को सर्वे का आदेश दिया था। मां शृंगार गौरी केस राखी सिंह, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 17 अगस्त 2021 को दाखिल किया गया था। अदालत के आदेश पर एक अधिवक्ता आयुक्त की अगुवाई में 6-7 मई 2022 को ज्ञानवापी में सर्वे की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद 14 से 16 मई 2022 तक तीन अधिवक्ता आयुक्त ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे किया था। 16 मई 2022 को ही ज्ञानवापी स्थित वजूखाने में आदि विश्वेश्वर का शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था। उसी दिन हिंदू पक्ष की मांग पर अदालत के आदेश से वजूखाने को सील कर दिया गया था।