सनातन संघ प्रमुख का दावा: CM Yogi को ज्ञानवापी केस की पावर ऑफ अटॉर्नी के साथ संस्था के रुपये भी सौंपेंगे
श्रृंगार गौरी नियमित दर्शन मामले के मुख्य पैरोकार व विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख ने केस की पावर ऑफ अटॉर्नी सीएम योगी को सौंपने का दावा किया है। इसके साध ही उन्होंने घोषणा की है कि सनातन संघ और अपने परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खाते में जमा पूरा पैसा भी मुख्यमंत्री को सौंप देंगे।
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ज्ञानवापी परिसर से संबंधित पांच केस की पावर ऑफ अटॉर्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने का दावा करने वाले विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने अब नया एलान किया है। उन्होंने कहा है कि विश्व वैदिक सनातन संघ और अपने परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खाते में 31 अक्तूबर 2022 तक जमा पूरा पैसा पिछले दो वर्ष बैंक स्टेटमेंट के साथ मुख्यमंत्री को सौंप देंगे।
पावर ऑफ अटॉर्नी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि बताया कि इस संबंध में सभी कानूनी कार्यवाही 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। चर्चित श्रृंगार गौरी नियमित दर्शन मामले के मुख्य पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर से जुड़े लगभग सभी मुकदमे हमारी ओर से ही फाइल किए गए थे। इस समय पांच मुकदमों की पैरवी संघ की ओर से की जा रही है।
प्रेसवार्ता कर करेंगे बाकी खुलासा
विसेन ने दावा किया कि इनकी ही पावर ऑफ अटॉर्नी सीएम को दी जाएगी। 15 नवंबर तक सारी तस्वीर स्पष्ट हो जाएंगी। सीएम को पावर ऑफ अटॉर्नी देने से एक दिन पूर्व प्रेसवार्ता कर बाकी खुलासा करेंगे। इनमें मां श्रृंगार गौरी केस, भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान के अलावा तीन अन्य मुकदमे हैं।
इसमें से सबसे प्रमुख और चर्चित मामला श्रृंगार गौरी नियमित दर्शन पूजन का है। इस मामले में राखी सिंह समेत चार अन्य महिलाएं वादी थी। इसी मामले में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे अदालती आदेश के बाद कराया गया था। जिसके बाद ज्ञानवापी के वजूखाने में आदिविश्वेश्वर का शिवलिंग मिलने का दावा किया गया।
क्या है पावर ऑफ अटॉर्नी
पावर ऑफ अटॉर्नी एक कानूनी प्रक्रिया है, जो एक व्यक्ति को दूसरे की ओर से अधिकारिक रूप से कार्य करने की अनुमति देता है। अधिकृत व्यक्ति को एजेंट या पावर ऑफ अटॉर्नी एजेंट कहा जाता है। नियमानुसार उसे कानूनी निर्णय लेने का अधिकार होता है।
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