फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Case Not only Shivling demand for survey from ASI of entire masjid campus

Gyanvapi Case: शिवलिंग ही नहीं, पूरे ज्ञानवापी परिसर के एएसआई से सर्वे की मांग, आज अदालत में दाखिल होगी याचिका

Tue, 16 May 2023 09:53 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 16 May 2023 09:53 AM IST
सार

Gyanvapi Case: वाराणसी आए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अमर उजाला संवाददाता से विशेष बात की और कहा कि सनातन हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोग यह चाहते हैं कि हमारे आराध्य आदि विश्वेश्वर से जुड़ा ज्ञानवापी का सच सामने आए। अब हम कानूनी तरीके से कलम के सहारे शांतिपूर्ण ढंग से अपने धर्मस्थलों की वास्तविकता को सामने ला रहे हैं। 

विज्ञापन
Gyanvapi Case Not only Shivling demand for survey from ASI of entire masjid campus
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग ही नहीं, बल्कि पूरे विवादित स्थल का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से वैज्ञानिक पद्धति से जांच कराने की मांग अब अदालत से की जाएगी। इसके लिए मंगलवार को जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी। इसी सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन सोमवार की रात वाराणसी आए हैं। वह छह याचिकाकर्ताओं की तरफ से सर्वे की गुहार लगाएंगे।

विज्ञापन


वाराणसी आए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अमर उजाला संवाददाता से विशेष बात की और कहा कि सनातन हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोग यह चाहते हैं कि हमारे आराध्य आदि विश्वेश्वर से जुड़ा ज्ञानवापी का सच सामने आए। सबको यह मालूम होना चाहिए कि ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर का मंदिर कब बना था?

विज्ञापन

हमारे धर्मस्थलों को विदेशी आक्रांताओं ने तलवार के बल पर उजाड़ा था

कहा कि इसके लिए अब हम अदालत से पूरे विवादित स्थल की कार्बन डेटिंग और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से सर्वे कराने की मांग करेंगे। अधिवक्ता ने कहा कि अनादि काल से हमारी आस्था के केंद्र रहे हमारे धर्मस्थलों को विदेशी आक्रांताओं ने तलवार के बल पर उजाड़ा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: रडार तकनीक से ज्ञानवापी परिसर के सर्वेक्षण की मांग पर आदेश है सुरक्षित, 1991 में हुआ था मुकदमा
 

अब हम कानूनी तरीके से कलम के सहारे शांतिपूर्ण ढंग से अपने धर्मस्थलों की वास्तविकता को सामने ला रहे हैं। पूरा विश्वास है कि हमारे अकाट्य तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर अदालत हमारे पक्ष में फैसला सुनाएगी।

ज्ञानवापी प्रकरण में इन सवालों के जवाब मिलने जरूरी

Gyanvapi Case Not only Shivling demand for survey from ASI of entire masjid campus
अदालत के बाहर हिंदू पक्ष के अधिवक्ता और पैरोकार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि देश की जनता को ज्ञानवापी से जुड़े इन सवालों के जवाब मिलने जरूरी हैं। ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग कितना प्राचीन है? शिवलिंग स्वयंभू है या कहीं और से लाकर उसकी प्राण प्रतिष्ठा की गई थी? विवादित स्थल की वास्तविकता क्या है? विवादित स्थल के नीचे जमीन में क्या सच दबा हुआ है? मंदिर को ध्वस्त कर उसके ऊपर तीन कथित गुंबद कब बनाए गए? तीनों कथित गुंबद कितने पुराने हैं?

इनकी तरफ से दाखिल होगी याचिका

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के मुताबिक, याचिका राम प्रसाद सिंह, महंत शिव प्रसाद पांडेय, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक की ओर से दाखिल की जाएगी। चारों महिलाएं पहले से ही ज्ञानवापी के मां श्रृंगार गौरी केस की वादिनी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed