Varanasi: ज्ञानवापी प्रकरण में मुस्लिम पक्ष की निगरानी याचिका का आवेदन स्वीकार, चार जनवरी को होगी सुनवाई
ज्ञानवापी-श्रृंगार प्रकरण में सर्वे आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की तरफ से दाखिल निगरानी याचिका के अावेदन को जिला जज की अदालत ने स्वीकार कर ली है। अब मामले की सुनवाई चार जनवरी को होगी।
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वाराणसी के चर्चित ज्ञानवापी-श्रृंगार प्रकरण में सर्वे आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से दाखिल निगरानी याचिका के अावेदन को बुधवार को जिला जज की अदालत ने स्वीकार कर ली। जिला जज डॉ.अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने इस मुद्दे को सुनने के लिए चार जनवरी की तिथि तय की।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से पिछले दिनों निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी। जिसमें कहा गया कि भगवान आदि विश्वेश्वर की ओर से विश्व वैदिक सनातन संघ की महामंत्री किरन सिंह की तरफ से दाखिल वाद सुनवाई योग्य नहीं है।
याचिका में कहा गया है कि अवर न्यायालय ने सरसरी तौर पर हमारी पोषणीयता की अर्जी कर खारिज कर दी। कोई विवेक का प्रयोग नहीं किया गया। ऐसे में निगरानी स्वीकार करते हुए निचली अदालत का आदेश खारिज कर दिया जाए।
ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति
प्रकरण के अनुसार अंजुमन की ओर से जुलाई 2021 में निगरानी याचिका दाखिल की गई थी। कहा गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। उसकी सुनवाई का अधिकार लखनऊ वक्फ बोर्ड को है, सिविल न्यायालय को नहीं।
इसके बावजूद अवर न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज करते हुए पुरातात्विक सर्वेक्षण के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई जारी रखी और क्षेत्राधिकार के चुनौती संबंधी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। जिसके बाद अंजुमन इंतजामिया ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की थी।