फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi case Muslim side monitoring petition accepted in varanasi court next hearing on 4 January

Varanasi: ज्ञानवापी प्रकरण में मुस्लिम पक्ष की निगरानी याचिका का आवेदन स्वीकार, चार जनवरी को होगी सुनवाई

Wed, 21 Dec 2022 07:22 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 21 Dec 2022 07:22 PM IST
सार

ज्ञानवापी-श्रृंगार प्रकरण में सर्वे आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की तरफ से दाखिल निगरानी याचिका के अावेदन को जिला जज की अदालत ने स्वीकार कर ली है। अब मामले की सुनवाई चार जनवरी को होगी। 

विज्ञापन
Gyanvapi case Muslim side monitoring petition accepted in varanasi court next hearing on 4  January
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के चर्चित ज्ञानवापी-श्रृंगार प्रकरण में सर्वे आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से दाखिल निगरानी याचिका के अावेदन को बुधवार को जिला जज की अदालत ने स्वीकार कर ली। जिला जज डॉ.अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने इस मुद्दे को सुनने के लिए चार जनवरी की तिथि तय की।

विज्ञापन


अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से पिछले दिनों निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी। जिसमें कहा गया कि भगवान आदि विश्वेश्वर की ओर से विश्व वैदिक सनातन संघ की महामंत्री किरन सिंह  की तरफ से दाखिल वाद सुनवाई योग्य नहीं है।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि अवर न्यायालय ने सरसरी तौर पर हमारी पोषणीयता की अर्जी कर खारिज कर दी। कोई विवेक का प्रयोग नहीं किया गया। ऐसे में निगरानी स्वीकार करते हुए निचली अदालत का आदेश खारिज कर दिया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति 

प्रकरण के अनुसार अंजुमन की ओर से जुलाई 2021 में निगरानी याचिका दाखिल की गई थी। कहा गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। उसकी सुनवाई का अधिकार लखनऊ वक्फ बोर्ड को है, सिविल न्यायालय को नहीं।

इसके बावजूद अवर न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज करते हुए पुरातात्विक सर्वेक्षण के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई जारी रखी और  क्षेत्राधिकार के चुनौती संबंधी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। जिसके बाद अंजुमन इंतजामिया ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed