फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Case: Monitoring petition of Central Sunni Waqf Board accepted for consideration

ज्ञानवापी प्रकरण: सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की निगरानी याचिका विचारार्थ स्वीकार, अगली सुुनवाई 12 नवंबर को

Thu, 22 Oct 2020 07:25 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 22 Oct 2020 07:25 PM IST
विज्ञापन
Gyanvapi Case: Monitoring petition of Central Sunni Waqf Board accepted for consideration
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

वाराणसी के प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ से संबंधित ज्ञानवापी मामले में गुरुवार को जिला जज यूसी शर्मा की अदालत ने सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की निगरानी याचिका विपक्षियों की आपत्ति खारिज करते हुए विचारार्थ स्वीकार कर लिया। अदालत ने इस पर विस्तृत सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तिथि नियत की है।

विज्ञापन


जिला जज की अदालत ने कहा कि अधीनस्थ अदालत ने अवधारित किया है कि वर्ष 1991 से लंबित इस मामले में उसे सुनवाई का अधिकार है। प्रकरण को सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ को संदर्भित करने की आवश्यकता नही है।
विज्ञापन


इस आदेश के खिलाफ सत्र अदालत को सुनवाई का अधिकार है। विपक्षी भगवान विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र की तरफ से पेश की गई नजीरें लागू नही होती हैं। ऐसे में इस निगरानी को सिविल निगरानी के रूप में स्वीकार किया जाता है। इसे निगरानी याचिका दर्ज करते हुए निस्तारण के वास्ते और अग्रिम आदेश हेतु 12 नवंबर की तिथि नियत की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत का आदेश आने के बाद वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता तौहीद खान अहमद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सत्र अदालत ने पहले ही देर से याचिका दाखिल करने पर तीन हजार का जुर्माना लगाते हुए निगरानी की ग्राह्यता पर सुनवाई के लिए विपक्षी से आपत्ति मांगी थी।
 

सुनवाई के बाद आपत्ति को निरस्त कर दिया गया और निगरानी याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली गई। वर्ष 1991से लंबित इस मामले को अधीनस्थ न्यायालय के सुनवाई के अधिकार को चुनौती देते हुए दाखिल निगरानी याचिका में कहा गया है कि सुनवाई का अधिकार सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ को है।

अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से भी निगरानी याचिका जिला जज की अदालत में लंबित है, जिसमें कहा गया है कि अधीनस्थ अदालत को सुनवाई का अधिकार न होकर सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ को है। अब इन दोनों निगरानी याचिकाओं की सुनवाई एकसाथ 12 नवंबर को होगी।

यह निगरानी याचिकाएं तब दाखिल की गई जब भगवान विश्वेश्वरनाथ की तरफ से कोर्ट द्वारा नियुक्त वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने अधीनस्थ अदालत में वर्ष 1991 से लंबित इस मामले में ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के साथ ही पूजापाठ की अनुमति मांगी। अधीनस्थ न्यायालय ने सुनवाई शुरू कर दी, तब निगरानी याचिका सत्र अदालत में दाखिल की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed