Gyanvapi Case: अधिवक्ता हरिशंकर जैन की पार्टी के सभी पदों से जितेंद्र सिंह विसेन ने दिया इस्तीफा, बनाई दूरी
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन की हिंद साम्राज्य पार्टी के सभी पदों से ज्ञानवापी मामले में पैरोकार विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने इस्तीफा देने का एलान किया है।
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ज्ञानवापी मामले में पैरोकार विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने हिंद साम्राज्य पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का एलान किया है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिशंकर जैन के पास उन्होंने सूचना भेज दी है। दरअसल, श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन के लिए दायर वाद में वादी राखी सिंह के रिश्तेदार जितेंद्र सिंह बिसेन ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि इस मामले में बाहरी लोग मुकदमा बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद से ही उन्होंने अन्य वादियों से दूरी बना ली थी।
मसाजिद कमेटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के खिलाफ चौक थाने में रजिस्टर्ड पत्र भेज कर शिकायत की है। विष्णु गुप्ता का आरोप है कि ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को अपवित्र किया गया। हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की गईं। इसलिए मसाजिद कमेटी के सभी लोगों के खिलाफ पुलिस दंडात्मक कार्रवाई करे।
पक्षकार बनने के लिए जिला जज की अदालत में एक और याचिका
श्रृंगार गौरी ज्ञानवापी मामले में पक्षकार बनने के लिए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की है। उन्होंने प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रॉविजंस) एक्ट, 1991 के मसले पर सुनवाई के लिए अदालत से अनुरोध किया है। इससे पहले नौ अन्य लोग पक्षकार बनने के लिए जिला जज की अदालत में आवेदन दे चुके हैं।
अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने बताया कि ज्ञानवापी मसले को लेकर मुस्लिम पक्ष एक ही बात कहता है कि यह प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रॉविजंस) एक्ट, 1991 के तहत है। हमने इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में भी चैलेंज किया है। इसलिए हमने कोर्ट से कहा कि वह हमारा भी पक्ष सुनें। यह पूजा स्थल कानून है, प्रार्थना स्थल कानून नहीं है। मंदिर में पूजा होती है और मस्जिद में प्रार्थना होती है।
जिस तरह से महिला आयोग पुरुषों के लिए नहीं बना है, वैसे ही पूजा स्थल कानून मस्जिद के लिए नहीं बना है। कोर्ट ने हमें कहा है कि हम आपको चार जुलाई को सुनेंगे। हमारी एक अन्य प्रमुख मांग यह भी है कि देश की सभी भाषा की मीडिया को ज्ञानवापी परिसर में जाने दिया जाए ताकि वहां की सच्चाई सभी लोग देख और समझ सकें। शिव कुमार शुक्ला ने भी जिला जज की अदालत में याचिका दाखिला कर मां श्रृंगार गौरी प्रकरण में पक्षकार बनाने की मांग की है।