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Gyanvapi Case: वादमित्र हटाने की अर्जी में संशोधन पर हुई सुनवाई, पांच जनवरी को पड़ी अगली तारीख
Fri, 02 Jan 2026 11:19 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:19 AM IST
सार
Varanasi News: ज्ञानवापी मामले से संबंधित वादमित्र हटाने की अर्जी में संशोधन पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। पांच जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की गई है।
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Gyanvapi Case
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिविल जज (सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में बृहस्पतिवार को ज्ञानवापी से जुड़े वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में वादमित्र को हटाने की खारिज हो चुकी अर्जी में संशोधन संबंधी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वादमित्र की ओर से योगेन्द्र व्यास की निगरानी अर्जी खारिज होने से संबंधित आदेश की प्रति दाखिल की गई। वहीं, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति अदालत में प्रस्तुत की गई।
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इस पर वादमित्र की तरफ से दाखिल दस्तावेजों पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय मांगा गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी को तय की गई है। पिछली तिथि पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता ने अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की दलील दी थी।
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इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि केवल मौखिक दलील के आधार पर वाद की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि रोक की मांग है तो इसके लिए लिखित अर्जी दाखिल की जाए, ताकि उस पर विधिवत सुनवाई हो सके। गौरतलब है कि मूल वादी हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी बेटियों ने वादमित्र को हटाने की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है।